जागरण संवाददाता, उन्नाव : प्रदेश में डॉक्टरों की कमी को देखते हुए शासन ने अब कोरोना वायरस से संक्रमित व्यक्ति के इलाज में निजी व सेवानिवृत्त डॉक्टरों से मदद लेने की मंजूरी दी है। स्वास्थ्य विभाग अब ऐसे डॉक्टरों से संपर्क करेगा और जो कोरोना आइसोलेशन क्लीनिक में काम करने को तैयार होंगे, जरूरत पड़ने पर उनकी सेवा लेगा। ऐसे डॉक्टरों की तलाश कर शासन को सूची भेजनी होगी।

कोरोना संकट से निपटने के लिए सरकार वैकल्पिक प्रबंध भी कर रही है। प्रमुख सचिव ने आदेश जारी किया है कि सभी जिलों में निजी और सेवानिवृत्त डॉक्टरों की सूची तैयार कराई जाए। अधिकारी उनसे संपर्क कर उन्हें सहयोग करने को लेकर तैयार करें। नर्सिंगहोम और क्लीनिक पंजीकरण के नोडल अधिकारी एसीएमओ डॉ. तनमय कक्कड़ को इसकी जिम्मेदारी दी गई है। उन्होंने बताया कि जिले में करीब 24 निजी क्लीनिक और सेवानिवृत्त एमबीबीएस डॉक्टर हैं। जल्द ही डॉक्टरों से सहमति पत्र लेकर शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी। 20 नर्सिगहोम में पहले से बने दो बेड के आइसोलेशन वार्ड

सीएमओ डॉ. आशुतोष कुमार ने बताया कि जिले में भले ही अभी तक कोरोना का एक भी मरीज न हो लेकिन प्रशासन की पूरी तैयारी है। 20 नर्सिगहोम में दो बेड का आइसोलेशन वार्ड कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों के लिए आरक्षित करा दिया है। मरीजों का इलाज भी नर्सिगहोम के ही डॉक्टर और चिकित्सक करेंगे।

Posted By: Jagran

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