जागरण संवाददाता, उन्नाव : सरकारी संस्थानों में सीट भरने के बाद निजी आइटीआइ में प्रवेश को लेकर छात्र-छात्राओं से मनमाना फीस वसूलना अब महंगा पड़ेगा। क्योंकि, प्रशिक्षण परिषद ने इस सत्र कुछ नई शर्तें लागू की है। इसमें निजी और राजकीय संस्थानों में एक साथ प्रवेश का मौका अभ्यर्थियों को दिया गया है। वही दूसरी ओर यदि वह निजी संस्थान में प्रवेश लेते हैं तो उनसे ज्यादा फीस नहीं ली जा सकेगी। यहां पर संस्थान को अपने यहां रिक्त सीटों के साथ फीस बतानी होगी। एससीवीटी को एनसीवीटी में मर्ज करने के बाद व्यावसायिक प्रशिक्षण परिषद ने राजकीय और निजी आइटीआइ (औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान) में इंजीनियरिग और नॉन-इंजीनियरिग ट्रेड से जुड़े पाठ्यक्रम की पढ़ाई में फीस के मानक को तय किया है। राजकीय आइटीआइ में 40 रुपये प्रति माह फीस अभ्यर्थी से ली जाती है। दोनों ट्रेड में सालाना फीस 480 रुपये है। निजी आइटीआइ में फीस के मानक तय नहीं थे। प्रशिक्षण अवधि में तमाम तरीके से छात्र-छात्राओं से ज्यादा वसूली की जाती थी। इस पर अंकुश लगाने का कार्य प्रशिक्षण परिषद ने किया है। निजी आइटीआइ में संचालित इंजीनियरिग व्यवसायों के प्रशिक्षण में दोनों ट्रेड में फीस मानक इस सत्र के साथ आगामी तीन सालों तक तय कर दिए हैं। नियमों के खिलाफ जाने पर मान्यता प्रत्याहरण की कार्रवाई की जाएगी। नए नियम के तहत निजी संस्थानों को व्यावसायिक प्रशिक्षण के पोर्टल पर सालाना फीस का ब्योरा अपलोड करना होगा। व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास अनुभाग ने तय मानक से फीस वसूले जाने के आदेश जारी किए हैं। निजी आइटीआइ में फीस के मानक

इंजीनियरिग: फीटर, इलेक्ट्रिशियन, ड्राफ्टमैन सिविल, सेंटर जनरल, टर्नर, वायरमैन, इंफार्मेशन कम्यूनिकेशन टेक्नोलॉजी सिस्टम ऐंड मेंटीनेस, फिटर आदि दो वर्षीय पाठ्यक्रम में सालाना 18000 रुपये फीस ली जाएगी। इसी प्रकार नॉन-इंजीनियरिग में फैशन टेक्नोलॉजी, ड्रेस मैकिग, कटिग टेलर, कढ़ाई-बुनाई, टंकण आदि एक वर्षीय कोर्स में सालाना 15400 रुपये वसूली जाएगी।

Posted By: Jagran

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप