जागरण संवाददाता, उन्नाव: प्रशासन के लाख जतन के बाद भी जिले में तमाम गांवों में ग्रामीण कोविड वैक्सीनेशन न करवाने की जिद पर अड़े हैं। हालात यह हैं कि टीम दिन-दिन भर गांव में डेरा डाले रहती है लेकिन ग्रामीण टीका लगवाने नहीं पहुंचते हैं। हठी ग्रामीणों को वैक्सीनेशन के फायदे बताने के लिए अब प्रशासन ने उच्चाधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है। उच्चाधिकारी छह अन्य विभागाधिकारियों के साथ गांव में घर-घर जाएंगे।

कोरोना की संभावित तीसरी लहर से पहले अधिक से अधिक टीकाकरण कर लोगों को सुरक्षित करने की मंशा सरकार की मंशा है। जिसके लिए जिलाधिकारी ने उपनिदेशक कृषि, खंड विकास अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, अधिशासी अभियंता आरईडी आदि को वैक्सीनेशन कराने की जिम्मेदारी दी है। अधिकारी ग्रामीणों को जागरूक करेंगे। हालांकि विभागीय अधिकारी ग्रामीणों को नहीं समझा पा रहे हैं। अब तक जहां भी अधिकारी ग्रामीणों को समझाने गये, वहां वैक्सीनेशन ने रफ्तार नहीं पकड़ी है। कोविड टीकाकरण में ग्रामीणों की बेरुखी ने प्रशासन का तनाव बढ़ा रखा है। शहरी क्षेत्रों की तुलना में ग्रामीण क्षेत्रों में टीका लगवाने वाले आगे नहीं आ रहे हैं। अगर किसी तरह लोग टीकाकरण के लिए आ भी रहे हैं तो उनके अंदर भ्रांतियों के चलते भय की स्थिति बनी है। इन सबके बीच क्षेत्रों में टीके को लेकर फैलाई गई अफवाह ग्रामीणों के दिमाग में घर कर चुकी है। जिलाधिकारी रवींद्र कुमार ने बताया कि ग्रामीणों को टीकाकरण के लिए प्रेरित करने के लिए कई टीम बनाई हैं। अलग-अलग क्षेत्रों में जागरूकता के लिए अफसरों को लगा उनका रोस्टर जारी कर दिया है।

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