जागरण संवाददाता, उन्नाव: पुरानी पेंशन बहाली समेत 21 सूत्रीय मांगों की लंबे समय से चली आ रही सरकारी अनदेखी से नाराज शिक्षक कर्मचारियों ने गुरुवार को विरोध करते हुए कलेक्ट्रेट के निकट धरना प्रदर्शन किया। मंच के संयोजक उमानिवास बाजपेई ने कहा कि सरकार से भीख नहीं मांग रहे अपने अधिकार के लिए लड़ रहे हैं। जिलाध्यक्ष बृजेश पांडेय ने कहा कि 21 सूत्री मांगे वर्षों से लंबित हैं जिससे उपेक्षित शिक्षक कर्मचारी संघर्ष करके पुरानी पेंशन लेंगे। साथ सम्मान का भी है और हम हर स्तर पर लड़कर जीतेंगे।

कर्मचारी शिक्षक अधिकारी एवं पेंशनर्स अधिकार मंच की ओर से आयोजित धरना प्रदर्शन में तमाम विभागों के कर्मचारियों की अनुपस्थित से धरने में शामिल कर्मियों व शिक्षकों ने नाराजगी जताई। धरना प्रदर्शन में अपनी मांगों को पूरा कराने के लिए बड़ी संख्या में शिक्षक कर्मचारियों इकट्ठा रहे। प्रधान महासचिव उमा निवास बाजपेई ने कहा कि यदि अब भी सरकार न चेती और पुरानी पेंशन सहित सभी मांगों को तत्काल बिना शर्त न माना तो 30 नवंबर को प्रदेश अध्यक्ष डा दिनेश चंद्र शर्मा के नेतृत्व में इको गार्डन में महारैली का आयोजन करके अग्रिम संघर्ष की रुपरेखा की घोषणा की जायेगी। धरना प्रदर्शन के बाद मंच के पदाधिकारियों के साथ शिक्षक कर्मचारियों ने शासन संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट विजेता को दिया। इस दौरान दिलीप अवस्थी, अश्वनी पांडेय, नीरज निगम, सुबोध त्रिपाठी, मो.एजाज, हरिनाम सिंह, हैदर हसन, आरसी कनौजिया, शैलेश शुक्ला, जिला उपाध्यक्ष संजीव शंखवार, सुधाकर तिवारी, रामशंकर मिश्र, चन्द्र प्रकाश, गजेंद्र वर्मा, कैलाश नाथ, पवन त्रिपाठी, मदन पांडेय, बाल कृष्ण अवस्थी, केशव सिंह आदि मौजूद रहे।

Edited By: Jagran