जागरण संवाददाता, उन्नाव: चिप्सोना आलू का स्वाद इस बार लोगों को नहीं मिल सकेगा। शुगर फ्री होने के बावजूद इसके खराब होने की आशका ज्यादा रहती है। इसे देखते हुए इस बार जिले में कुफरी आलू का बीज भेजा गया है। यह शुगर फ्री तो नहीं, लेकिन स्वाद में चिप्सोना से अच्छा है।

जिले में आलू का आच्छादन क्षेत्रफल तकरीबन 10 हजार हेक्टेयर रहता है। इस बार उम्मीद जताई जा रही है कि जिले में 240600 मीट्रिक टन आलू की पैदावार होगी। देखा जाए तो जिले में बागरमऊ, सफीपुर, नवाबगंज, सिकंदरपुर सरोसी, पुरवा, गंजमुदाबाद में आलू ज्यादा होता है। अब तक यहा सबसे अधिक पैदावार चिप्सोना आलू की होती थी, लेकिन इस बार कुफरी गरिमा, कुफरी ख्याति व कुफरी बहार की पैदावार बड़े पैमाने पर होगी। इसके लिए तीनों ही प्रजातियों का 600 क्विंटल बीज आ चुका है। इसके अलावा कुछ किसानों ने खुद से खरीदे गए चंद्रमुखी, सिंदूरी आलू की पैदावार करने का भी निर्णय लिया। जिले में अब चिप्सोना की पैदावार सिर्फ वही किसान करेंगे जिनके पास पहले से इसका बीज है। कुफरी की खासियत

कुफरी प्रजाति के आलू का बीज अधिक नमी के बाद भी रोगों से दूर रहता है। दरअसल कंद सड़ने से आलू को ज्यादा खतरा होता है। खेत में 60 फीसद नमी है तो भी कुफरी में कंद बहुत जल्द नहीं सड़ता। वहीं चिप्सोना में 50 फीसद से अधिक नमी पर ही कंद सड़ने लगती है। नेपाल तक जाता है यहा का आलू

उन्नाव में होने वाली आलू की पैदावार का बड़ा हिस्सा पंजाब, महाराष्ट्र, कर्नाटक और नेपाल को निर्यात किया जाता है। जो आलू किसान नेपाल निर्यात करते हैं उन्हें अधिक आमदनी होती है। ...............

चिप्सोना आलू की फसल जल्द खराब होने का खतरा रहता है। इसी वजह से इस बार इसका बीज उपलब्ध नहीं कराया गया है। इसकी बजाय कुफरी प्रजाति के बीज भेजे गए हैं। यह बीज चिप्सोना से बेहतर है।

- महेश श्रीवास्तव, जिला उद्यान अधिकारी।

Posted By: Jagran

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