संवाद सूत्र, चकलवंशी : गड़ा खजाना पाने के लालच में मासूम की बलि के मामले में घिरी पुलिस की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। वारदात में आरोपितों को बचाने का पुलिस पर आरोप लगा है। शनिवार को एसपी आवास पहुंची करीब एक सैकड़ा महिलाओं ने पुलिस पर कार्रवाई में खेल की बात कह निष्पक्ष कार्रवाई की एसपी से मांग की। एसपी ने जांच करा कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।

माखी थाना क्षेत्र के परमनी गांव निवासी कन्हैयालाल के 8 वर्षीय पुत्र आदर्श का बुधवार को पड़ोसी विश्राम ने पत्नी रानी और बेटों की मदद से बलि के उद्देश्य से अपहरण कर लिया था। उसे घर में बोरे में बंद कर रखा और गुरुवार अमावस की रात 12 बजे गला दबाकर हत्या के बाद उसकी बलि दी। बच्चे के साथ हुई हैवानियत देख लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। हर ओर से हत्यारोपितों के लिए कड़ी सजा की मांग उठी। बच्चे के पिता ने विश्राम उसकी पत्नी और बेटों समेत 10 लोगों का नाम बेटे की हत्या में शामिल कर पुलिस को दिया। पुलिस द्वारा महज पांच लोगों पर कार्रवाई की गई, जिसमें विश्राम उसकी पत्नी रानी, बेटे सुरेंद्र नरेंद्र व सुखबीर शामिल है। जबकि छेदी समेत अन्य का नाम निकाल दिया। पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठा नाराज करीब एक सैकड़ा महिलाएं मृत बच्चे के पिता व अन्य के साथ शनिवार को एसपी आवास पहुंचीं और शिकायती पत्र देकर सही कार्रवाई की मांग की। एसपी एमपी वर्मा ने जांच करा कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।

-------------

आरोपितों ने पुलिस को बताई यह कहानी

- पुलिस के अनुसार बच्चे की बलि देने पर गड़ा खजाना मिलने का रानी को स्वप्न आया तो उसने आदर्श को बुधवार रात अगवा कर लिया। जिसके बाद उसकी बलि दे दी और भोर होते ही गांव में एक बाबा की जय-जयकार कर नृत्य किया। बच्चे के पिता से कहा परेशान न हो बच्चा मिल जाएगा, बस विध्याचल चलना पड़ेगा। विध्याचल के लिए बोलेरो भी बुक करा ली गई, पर इसी बीच तालाब में शव मिलने से सनसनी फैल गई। पुलिस के अनुसार शव गल जाए, इसके लिए रानी ने बच्चे के परिजनों को भ्रमित किया और विध्याचल ले जाने के लिए तैयार कर लिया।

Posted By: Jagran

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप