जागरण संवाददाता, उन्नाव : अब तक सरकारी अनदेखी का दंश झेल रहे जनपद के कुम्हारों की सुध ली गई है। कुम्हारों के पारंपरिक कार्य को बल देते हुए एक बार फिर से माटी कला को जीवंत किया जाएगा। जिससे कुम्हार परिवारों को नया आयाम मिल सकेगा। यह दावा करते हुए शुक्रवार को उप्र माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष धर्मवीर प्रजापति ने माटीकला से जुड़े कामगारों को आवंटित पट्टों की वस्तुस्थिति, उनकी संख्या तथा उन पर हुए अवैध कब्जों को लेकर सीडीओ, एडीएम और सभी एसडीएम के साथ समीक्षा बैठक की।

अध्यक्ष ने कहा कि जहां ज्यादा संख्या में माटी कला से जुड़े लोग कार्य कर रहे हैं, उन्हें पानी के लिए हैंडपंप, आवास, आयुष्मान कार्ड आदि सरकार दे रही है उन। अध्यक्ष ने बताया कि कुल आवंटन लक्ष्य के सापेक्ष 73 लोगों को पट्टा आवंटित किया गया। कहा कि सभी लेखपाल को निर्देशित किया जाए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में माटीकला से जुड़े कामगारों का सर्वे करके चिन्हित करें। ताकि उन सभी चिन्हित परिवारों को पट्टा आवंटित किया जाए। इस कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही न की जाए। तहसील दिवस पर तहसीलों में मिट्टी के बर्तनों की प्रदर्शनी लगाई जाएगी। तथा लोगों को मिट्टी के बर्तन उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। प्रमुख स्थानों पर होर्डिंग आदि लगाकर लोगो को मिट्टी के बर्तनों का उपयोग के फायदे बताये जाएंगे। अध्यक्ष ने मिट्टी के बरतनों का प्रयोग स्वास्थ के लिए उपयोगी बताते हुए कहा कि मिट्टी के बर्तन अधिक से अधिक से प्रयोग किए जाएं। इस मौके पर सीडीओ प्रेमरंजन सिंह, एडीएम राकेश कुमार सिंह के अलावा अन्य लोग मौजूद रहे। प्रजापति समाज ने अध्यक्ष को दिया ज्ञापन

उन्नाव : प्रजापति समाज ने माटी कला बोर्ड अध्यक्ष धर्मवीर प्रजापति को एक ज्ञापन दिया। मांग की है कि पट्टों का नवीनीकरण कराया जाए। तमाम आवंटित स्थलों पर कब्जा दिलवाया जाए। पट्टे एकल समाज को ही किए जाएं। प्रत्येक परिवार को टूल किट मुहैया करवाई जाए।

Posted By: Jagran

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