जागरण टीम, उन्नाव : विघ्नहर्ता मंगलकर्ता गौरी पुत्र गजानन को भक्तों ने भाव विभोर होकर विदाई दी। भक्तों ने घर से लेकर नदी तट आने तक नृत्य करते हुए गणपति को रिझाया। परिवार पड़ोस सब अपना भाग्य सौभाग्य बनाने के लिए शरीक हुए। वक्रतुण्ड की मूर्ति स्थापना के बाद 11 दिन चले महोत्सव समापन के अंतिम दिन गुरुवार को भक्तों का सैलाब घरों से निकला और एक दंत को विदाई दी गई। इन कार्यक्रमों ने बिखेरी और छटा

गणेश जी की वंदना व अर्चना, भक्ति संगीत की टोली को बुलाकर कीर्तन भजन, पंडित व आचार्याें को बुलाकर विधि विधान से कथा व यज्ञ, गणेश लीला का मौखिक वर्णन और साउण्ड बॉक्स आदि का सहारा लिया। वहीं कुछ पंडालों में डिजिटल स्क्रीन डिस्प्ले का सहारा लेकर गणेश भगवान की जन्म से लेकर अन्य लीलाओं का प्रदर्शन किया गया। जिसकी जैसी सीमा वैसे दी विदाई

गणपति को नदी घाट तक ले जाने के लिए कार, जीप, ट्रक, टैंपो, मैजिक, डीसीएम के अलावा खुली रेड़ियों पर भी स्थान दिया गया। इन वाहनों पर रखकर गणेश प्रतिमा को विसर्जित किया गया। श्रद्धा के साथ स्वच्छता का रखा ध्यान

जागरूक भक्तों ने स्वच्छता की मिसाल पेश करते हुए प्रतिमा को भू-विसर्जन से विदाई दी। वहीं कुछ भक्तों ने ऐसे जलस्त्रोतों का प्रयोग किया जो बहते जल से जुड़े नहीं थे। सैकड़ों श्रद्धालुओं ने घर व खेत के बाड़े में गणपति बप्पा को जमीन में विसर्जन किया। पौराणिक मंदिर से दी गणेश को विदाई

परियर में फत्तेपुर मान देवी मंदिर प्रांगण पर चल रहे गणेश महोत्सव के समापन पर प्रसाद वितरण के बाद भव्य गणेश प्रतिमा के विसर्जन हेतु भव्य शोभा यात्रा निकाली गई। हजारों भक्तों ने श्रद्धा के साथ बप्पा को किया विदा

हसनगंज के मोहान में जवाहर नगर मोहल्ले से सिद्धि विनायक मण्डल व सलखेमऊ से गणपति समिति ने बैंड बाजे के साथ जयघोष करते हुए विसर्जन यात्रा निकाली। यात्रा कस्बे के मुख्य मार्ग से होते हुए जलेशवर नाथ मंदिर तक गयी। अबीर-गुलाल के साथ लगाए जयकारे

पुरवा के मोहल्ला पीरजादीगढ़ी के नवयुवकों ने अमीर गुलाल की होली खेलते हुए मिर्रीचौराहा, तुसरौर, मौरावां होते हुए यात्रा रायबरेली जनपद स्थिति भवरेश्वर मंदिर सई नदी तट के लिए रवाना हो गई। प्रतिमा विसर्जन यात्रा मे जमकर नाचे भक्त

मौरावां क्षेत्र के गांव भवानीगंज, लऊवा व मुरैता में स्थापित एकदंत दयावंत भगवान गणेश की प्रतिमा विर्सजन यात्रा निकाली गई। भक्ती भावना से सराबोर नाचते गाते भक्त मूर्तियों को लेकर भवरेश्वर मंदिर स्थित सई नदी तट लेकर गए।जहां पर पूजा अर्चना के बाद मूर्तियों का विर्सजन किया गया। मटकी नहीं फोड़ पाए तो नीचे करके पूरी की रस्म

भगवंत नगर में गणेश विसर्जन से पूर्व आचार्य राकेश बाजपेयी ने पूरे विधि विधान से हवन पूजन संपन्न कराया। मटकी फोड़ देखने के लिए सैकड़ों की संख्या में लोग मौजूद रहे। मटकी फोड़ने के लिए कस्बे की दो टीमें जय माता दी व कोबरा गैग के कई बार प्रयास करने के बाद भी सफलता नहीं मिली। अंत में आयोजकों ने मटकी को नीचे कर स्वयं मटकी फोड़ कर मटकी फोड़ने की परम्परा पूरी की। लोन नदी में विसर्जित की गईं प्रतिमाएं

पाटन में राधागंज में आयोजित समारोह में गुरुवार को विशाल गणेश प्रतिमा विसर्जन जुलुस निकला। भैरमपुर में गणेश प्रतिमा विसर्जन यात्रा निकालकर लोन नदी में प्रतिमा विसर्जित किया। बार्डर के गांव मुस्तकीम गंज से निकली विसर्जन यात्रा में ढोल ताशों एवं गणेश के गीतों पर श्रद्धालु झूमते चल रहे थे। कस्बा बिहार में जमकर अमीर गुलाल के साथ नाचे।

Posted By: Jagran

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप