उन्नाव (जेएनएन)। भारतीय जनता पार्टी के विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। कल उनके ऊपर सामूहिक दुष्कर्म का आरोप लगाकर लखनऊ में मुख्यमंत्री आवास के पास आत्मदाह का प्रयास करने वाली किशोरी के पिता ने आज दम तोड़ दिया। किशोरी के पिता उन्नाव जिला जेल में बंद थे।

उन्नाव में करीब पांच दिन पहले किशोरी के पिता को विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के भाई और उसके गुर्गों ने न्यायलय में लंबित चल रहे मुकदमे को वापस लेने से इंकार करने पर वहां पीट-पीट कर अधमरा कर दिया था। इसके बाद माखी पुलिस ने उसके खिलाफ ही मुकदमा दर्ज कर उसको जेल भेज दिया था जबकि काफी दबाव के बाद किशोरी की मां की तरफ से दी गई तहरीर में विधायक के भाई का नाम पुलिस ने दर्ज नहीं किया था।

मुख्यमंत्री आवास के सामने आत्मदाह की कोशिश करने वाली गैंगरेप पीड़िता का आरोप है कि विधायक के दबंग भाई और उनके गुर्गे घर से उसके पिता को घसीटते असलहे के बल पर ले गए। जिसके बाद उन्हें पेड़ से बांध का जमकर पीटा गया था। उसके बाद उन्हें पुलिस की मिलीभगत से हवालात में बंद कर दिया गया, जहां इलाज अभाव में उसकी मौत हो गई। पीड़िता का कहना है कि जल्द ही उसे भी मौत के घाट उतार दिया जाएगा।

उन्नाव के बांगरमऊ से भाजपा विधायक कुलदीप सेंगर के भाई अतुल सिंह पर आरोप है कि विधायक के भाई और गुर्गो ने माखी थाना क्षेत्र में रहने वाले एक परिवार को घर मे घुसकर 3 अप्रैल को जमकर मारपीट की थी। आरोप है कि बेटी को अगवा कर उसके साथ दुष्कर्म करने की शिकायत के बाद भाजपा विधायक के भाई ने परिजनों को जमकर पीटा था। पीड़िता ने रोते हुए बताया कि उसके पिता और चाचा को बुरी तरह से इस गुण्डे अतुल ने पीटा था। लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं उल्टा पीड़ित परिवार के खिलाफ ही मुकदमा पंजीकृत कर दिया।

घायल होने के बाद भी भेज दिया था जेल

मारपीट के बाद बुरी तरह से पिता के घायल होने के बाद भी पुलिस ने मुकदमा पंजीकृत कर निमर्मतापूर्वक जेल भेज दिया था। आरोप है कि विधायक के गुर्गों द्वारा पेड़ से बांधकर भी पीटा गया था। विधायक के दबाव में पुलिस ने एक साल से मुकदमा दर्ज नहीं किया था। न्याय न मिलने पर रविवार को पीड़ित परिवार मुख्यमंत्री आवास के सामने आत्मदाह करने पहुंचा था।

 

इस मामले के विरोध में किशोरी और उसका परिवार रविवार को मुख्यमंत्री आवास पर आत्मदाह करने के लिए पहुंचा। परिवार के लोगों का आरोप था कि पुलिस ने विधायक के दबाव में उसका इलाज भी सही से नहीं होने दिया। इतना ही नहीं। मेडिकल जांच में भी दबाव बनाया गया।

जेल में बंद किशोरी के पिता की कल रात अचानक हालत बिगड़ी।उसके बाद उसे जेल से जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां भोर पहर उसकी मौत हो गई। किशोरी के पिता के शरीर पर गंभीर चोट होने का मामला सामने आया है। किशोरी के पिता की मौत की बाबत जेल अधीक्षक ने उसकी मां के नाम घर पर पत्र भेजा है। 

मुख्यमंत्री गंभीर, डीएम को भेजा माखी

मुख्यमंत्री आवास के पास आत्मदाह की कोशिश करने वाली किशोरी के जेल में बंद पिता की मौत की जानकारी के बाद मुख्यमंत्री ने डीएम रवि कुमार एनजी से मामले की रिपोर्ट लेने के साथ उनको तत्काल माखी गांव पहुंचने को कहा। मुख्यमंत्री का आदेश मिलते ही डीएम गांव के लिए निकल चुके हैं।

उन्नाव प्रकरण डीआईजी प्रवीण कुमार का बयान, जुडिशल कस्टडी में अंतर्गत एक मृत्यु हुई है जो दुर्भाग्यपूर्ण है, सीआरपीसी प्रावधानों के तहत इसमें जुडिशल इंक्वायरी कराई जाएगी।

विधायक के रिश्तेदार और जेल प्रशासन की भूमिका संदिग्ध

किशोरी के चाचा और पिता पर मुकदमा दर्ज कराने वाले विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के रिश्तेदार राजकुमार सिंह के पास ही जेल को खाद्यान्न आदि की सप्लाई देने का ठेका है। आरोप लग रहे हैं कि किशोरी के पिता सुरेंद्र सिंह की तबियत बिगड़ने से कुछ घंटे पहले राजकुमार सिंह जेल गए थे और उनकी जेल के अधिकारियों के साथ काफी देर तक गुफ्तगू हुई थी।

गृह विभाग ने तलब की रिपोर्ट

भाजपा विधायक पर रेप का आरोप लगाने वाली लड़की के पिता की उन्नाव जेल में हुई मौत मामले से उत्तर प्रदेश शासन में खलबली मच गई है। इस मामले में गृह विभाग ने जेल प्रशासन और जिला प्रशासन से पूरी रिपोर्ट तलब की है। प्रमुख सचिव गृह अरविंद कुमार ने इस संबंध डीजी जेल और जिला प्रशासन से रिपोर्ट मांगी है। मुख्यमंत्री आवास के सामने कल रेप पीडि़ता ने आत्मदाह की कोशिश की थी। आज उसके पिता की उन्नाव जेल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई।

जिला अस्पताल के डॉक्टर अतुल ने बताया कि मृतक को कल रात अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उसे पेट में दर्द और उल्टी की शिकायत थी। इलाज के दौरान आज सुबह उसकी मौत हो गई। पुलिस ने उसे भर्ती कराया था।

उधर परिवार के लोगों दुष्कर्म के आरोपी भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर जेल में हत्या कराने का आरोप लगाया है। आरोप है कि 3 अप्रैल को मुकदमा वापस न लेने पर विधायक के भाई ने पीडि़ता के पिता को जमकर पीटा था। परिवार के लोगों का आरोप है कि बुरी तरह घायल होने के बाद भी पुलिस ने पीडि़त पर ही मुकदमा लिख कर जेल भेज दिया था। आज जेल में हालत खराब होने के बाद रेप पीडि़ता के पिता को जिला अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। फिलहाल, रेप पीडि़ता के पिता की मौत की वजहों का पता नहीं चल सका है। जिला जेल प्रशासन भी मौत पर चुप्पी साधे बैठा है। अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह का पता चल सकेगा।

kumbh-mela-2021

शॉर्ट मे जानें सभी बड़ी खबरें और पायें ई-पेपर,ऑडियो न्यूज़,और अन्य सर्विस, डाउनलोड जागरण ऐप