जागरण संवाददाता, उन्नाव : सफीपुर विकास खण्ड के गांव पावा में आवारा पशुओं का खौफ हावी है। यहां किसानों ने कुल जोत के क्षेत्रफल का करीब 40 फीसद भाग छोड़ दिया। इस जमीन पर किसानों को मक्का, ज्वार, धान, मूंगफली आदि बोनी थी। जो नहीं बोई गई। क्षेत्र में आवारा मवेशियों ने पूर्व में दो लोगों पर हमला कर दिया था। इसके अलावा इन मवेशियों द्वारा किसानों की मेहनत चट करने में भी समय नहीं लगता है। शुक्रवार को किसानों ने मुख्य विकास अधिकारी से मिलकर चालीस फीसदी भू-भाग पर फसलों को न बोने की जानकारी दी है। कहा है कि पहले इन मवेशियों का प्रबंध करवाएं तभी खेती की जा सकेगी।

पावा गांव के निवासियों ने शुक्रवार को इस बाबत सीडीओ को लिखित जानकारी दी है। किसान छंगालाल पूर्व प्रधान, राजकुमार पाठक, राहुल प्रजापति, प्यारेलाल, भगौती, रामाकांत कुशवाहा, बुद्धीलाल, मूलचन्द्र और राकेश सहित अन्य ने कहा कि उनके गांव में आवारा मवेशियों को आंतक थमने का नाम नहीं ले रहा है। सुबह से शाम तक तो कुछ आवारा मवेशी ही गांव और गलियारों में दिखाई पड़ते हैं। लेकिन रात होते ही इनकी संख्या में कई गुना इजाफा हो जाता है। मवेशियों का पूरा झुण्ड जिस दिशा में निकलता है। वहां फसलों को बर्बाद होने से कोई बचा नहीं सकता है। अभी धान के पौधों पर बालियां नहीं आई हैं। पौधा मुलायम है। इसलिए फिलहाल मवेशी इस फसल को भी चट करने में पीछे नही हैं। इसके अलावा जिन किसानों ने खेत में मक्का, ज्वार, मूंगफली आदि गलती से बो दी है। वह पछता रहे हैं। मवेशी इन फसलों को नजर में आते ही पूरी तन्मयता से साफ करके ही खेत से बाहर होते हैं। इसलिए जो किसान अभी तक इन फसलों को नहीं बो पाए हैं। वह अब आगे नहीं बोना चाहते हैं। किसानों ने आवारा मवेशियों को पकड़वा कर गौशाला भेजने की गुहार सीडीओ से लगाई है। वहीं मुख्य विकास अधिकारी ने ग्राम पंचायत के सचिव को तलब करते हुए 24 घंटे का समय दिया है। कहा है कि इसके बाद यदि एक भी आवारा मवेशी गांव में दिखा तो कार्रवाई के लिए तैयार रहें।

Posted By: Jagran

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