जागरण संवाददाता, उन्नाव : सफर के दौरान यात्रियों से सीधे मुंह बात न करना या फिर उनकी समस्याओं से पीछा छुड़ाना कंडक्टर और चालक को महंगा पड़ेगा। ऐसी स्थिति मिलने पर उन्हें चार्जशीट देकर निलंबित किया जाएगा। यदि संविदा कर्मी है तो उसे बाहर का रास्ता दिखाने में देरी नहीं की जाएगी। प्रबंध निदेशक उप्र राज्य सड़क परिवहन निगम ने अनुशासन तोड़ने वाले कर्मचारियों पर कुछ ऐसा ही सख्त रुख अपनाया है। सहायक और क्षेत्रीय प्रबंधक को आदेश जारी हुए है कि वह हर दिन परिचालन कर्मियों की काउंसिलिग करें।

उप्र राज्य सड़क परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक डॉ. राज शेखर 'मानक संचालन प्रक्रिया' से जोड़ने के लिए 10 बिदु तय किए हैं, जिसे न मानने पर सख्त कार्रवाई करने का आदेश सहायक और क्षेत्रीय प्रबंधक के दिया गया है। चालक और कंडक्टर के लिए यूनिफार्म को अनिवार्य करते हुए यातायात निरीक्षक को निर्देशित किया गया है कि चेकिग के दौरान इसे गंभीरता से लें। बावजूद लापरवाही पर स्पष्टीकरण मांगा जाए। सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक (एआरएम) रत्नेश उपाध्याय ने बताया कि प्रबंध निदेशक के आदेशानुसार परिचालन कर्मियों की काउंसिलिग करायी जा रही है। अनुशासन में रहते हुए बस परिचालन की हिदायत चालक और कंडक्टर को खासतौर पर दी गई है। यही नहीं, यातायात निरीक्षकों को भी सतर्क करते हुए यात्रियों से सफर और परिवहन निगम सेवाओं को लेकर फीडबैक लेने का आदेश है।

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हेल्पलाइन नंबर और वाट्सएप नंबर

- असुरक्षित संचालक या अन्य आकस्मिक स्थितियों में यात्रियों को हेल्पलाइन नंबर से जोड़ने की कवायद परिवहन निगम कर रहा है। मदद के तौर पर वाट्सएप नंबर 9415049606 पर शिकायत या संबंधित वीडियो भेज सकते हैं। जैसे कि बस में साफ-सफाई नहीं, सीट कवर फटे है या फिर खिड़की-दरवाजे टूटे हैं। यही नहीं, यात्रा किराया को लेकर कोई आपत्ति हो तो उसकी शिकायत भी कर सकेंगे। हेल्पलाइन नंबर 1800-180-2877 है।

Posted By: Jagran

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