जागरण संवाददाता, उन्नाव : रविवार को अवकाश के बाद सोमवार को जिला अस्पताल की ओपीडी खुली तो मरीजों की भीड़ पहुंच गई। कोविड संक्रमण का खतरा होने के बावजूद एक ही पर्चा काउंटर खोला गया। इससे लाइन लंबी हो गई। इसपर कुछ महिलाओं ने हंगामा किया। सबसे अधिक मरीज पास्ट कोविड और फीवर क्लीनिक में पहुंचे। उनमें भी बुखार और डायरिया पीड़ित बच्चों की संख्या अधिक रही।

सोमवार जिला अस्पताल की ओपीडी खुली तो मरीजों की लंबी कतार लग गयी। पर्चा काउंटर पर एक ही खिड़की खुली थी इससे महिला और पुरुष के पर्चा एक ही काउंटर से बन रहे थे। नंबर देरी से आने पर महिलाओं ने हंगामा शुरू कर दिया। वहां मौजूद गार्ड ने समझा बुझा उन्हें शांत कराया। सबसे अधिक सर्दी, जुकाम व बुखार से पीड़ित मरीज फीवर क्लीनिक में पहुंचे। इनमें बच्चों की संख्या अधिक थी। बाल रोग विशेषज्ञ डा. अमित ने बताया कि अधिकतर बच्चे डायरिया और बुखार से पीड़ित मिले।

हीट स्ट्रोक के मिले 81 मरीज

जून में गर्मी बढ़ने के साथ ही हीट स्ट्रोक के मरीज बढ़ गए हैं। सोमवार को जिला अस्पताल पहुंचे मरीजों में 81 मरीज हीट स्ट्रोक से पीड़ित मिले।

सीएमएस डा. बीबी भट्ट ने कहा कि अभी जनरल ओपीडी बंद है। आइ, ईएनटी, सर्जिकल, फीवर क्लीनिक और पोस्ट कोविड क्लीनिक की ओपीडी चल रही है। इससे एक पर्चा काउंटर खोला गया था।

1564 युवाओं ने लगवाया भरोसे का टीका

जासं, उन्नाव : सोमवार को पिछले सप्ताह की तुलना में कोविड वैक्सीनेशन का ग्राफ कुछ कम हुआ। हालाकि स्वास्थ्य अधिकारी दिन में हुई बारिश के कारण ग्राफ कम होना बता रहे हैं। 29 बूथों पर 18 से 44 आयु वर्ग के 1564 युवाओं ने भरोसे का टीका लगवाया।

टीकाकरण के लिए जिला अस्पताल बूथ पर सुबह से ही युवाओं की खासी लाइन लग गई थी। टीका लगाने काम स्लो होने पर कई बार युवाओं ने शोर शराबा कर रोष प्रकट किया। यहां प्रतीक्षा करने के लिए कोई छाया का बंदोबस्त न होने से उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ा। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डा. नरेंद्र सिंह ने बताया कि 18 प्लस वाले जिन 1564 का टीकाकरण किया गया है उनमें 428 को कोवैक्सीन और 1136 को कोविशील्ड का टीका लगाया गया। वहीं कचहरी में बार एसोसिएशन अध्यक्ष रामशंकर यादव के अनुरोध पर लगाए गए स्पेशल वैक्सीनेशन बूथ पर 18 प्लस वाले 55 तथा 45 प्लस वाले 22 अधिवक्ताओं ने टीका लगवाया। तीन महिला स्पेशल पिक बूथ पर 146 और दो अभिभावक स्पेशल दो बूथों पर 53 का टीकाकरण किया गया। वही वर्क प्लेस पांच बूथों पर 209 ने टीका लगवाया। वर्क प्लेस बूथों में विकास भवन और शिक्षा विभाग में 55-55, सरकारी कार्यालय में 36, हास्पिटल 53 औश्र वेंडर स्पेशल बूथ पर 10 का टीकाकरण हुआ।

वैक्सीन वायल खोलने से पहले लिखा समय : वैक्सीन वायल खोलने से पहले उस समय लिखने की अनिवार्यता लागू होने से सोमवार को हर काउंटर पर एक कर्मचारी बढ़ाया गया। उसने वायल खोलने से पहले और समाप्त होने का समय लिखा। बताते चलें अब वायल खोलने के बाद चार घंटे तक ही उसे उपयोग में लेने का आदेश लागू है।

45 प्लस 1363 ने कराया वैक्सीनेशन : प्रशासनिक अधिकारियों ने जागरूकता की बागडोर संभाल रखी है उसके बाद दो दिन से 45 वर्ष से अधिक आयु वालों के वैक्सीनेशन का ग्राफ स्थिर है। हालाकि ग्रामीण क्षेत्र के निवासियों के दिलों में वैक्सीन को लेकर जो भ्रांतियां हैं वह दूर नहीं हो पा रही हैं। आज भी एक दर्जन गांवों से वैक्सीन करने गई टीमें एक भी ग्रामीण को टीका नहीं लगा पाई। सोमवार को 45 वर्ष से अधिक आयु वाले लोगों में 1363 ने 40 बूथों पर टीका लगवाया। प्रतिरक्षण अधिकारी डा. नरेंद्र सिंह ने बताया कि सबसे अधिक शहर में 210 और सबसे कम फतेहपुर चौरासी में 9 टीका लगाए गए। टीका लगवाने वालों में 849 ने प्रथम डोज और 514 ने दूसरी डोज लगवाई है।

बार भवन में लगा कैंप, 77 ने लगवाई वैक्सीन: सोमवार को बार एसोसिएशन भवन में टीकाकरण शिविर का आयोजन किया गया। बार अध्यक्ष रामशंकर यादव और महामंत्री जितेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि 77 वकीलों ने वैक्सीनेशन कराया। वकीलों से अधिक से अधिक संख्या में वैक्सीनेशन करने को कहा है।

Edited By: Jagran