जागरण संवाददाता, उन्नाव : बच्चे को दो बूंद दवा पिलवाकर उसे अपंगता से बचाया ही नहीं जा सकता, बल्कि पोलियो की बीमारी को देश से बाहर किया जा सकता है। अभिभावकों को चाहिए कि वह अपने कलेजे के टुकड़े को स्वस्थ रखने के लिए समय से टीकाकरण कराने के साथ ही पोलियो ड्राप जरूर पिलवाएं। यह सुझाव पल्स पोलियो बूथ डे का शुभारंभ करते हुए डीएम देवेंद्र कुमार पांडेय ने दिया। उन्होंने महिला जिला अस्पताल में बच्चों को पोलियो ड्राप पिलाई।

डीएम ने पोलियो बूथ डे पर पोलियो ड्राप पिलवाने के लिए बच्चों को लेकर अस्पताल पहुंची माताओं और अभिभावकों से कहा कि पोलियों की बीमारी को भगाने के लिए हर चक्र में दवा जरूर पिलवाएं। डीएम ने बतौर अभिभावक गुरुजस, वैष्णवी, माधव, बउआ आदि एक दर्जन नवजात शिशुओं को पोलियो की ड्राप पिलाई। स्वास्थ्य अधिकारियों को कोल्डचेन पर नजर रखने का निर्देश दिया। सीएमओ डॉ. लालता प्रसाद, एसडीएम सदर दिनेश कुमार, एसीएमओ डॉ. एके रावत, डॉ. आरके गौतम, प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. नारेन्द्र सिंह, डॉ. आरएस मिश्रा ने भी कई बच्चों को पालियो की दवा पिलाई। सीएमओ ने बताया कि 72 सेक्टर चिकित्सा अधिकारियों एवं 356 सुपरवाइजरों को बूथों का निरीक्षण करने के लिए लगाया है। उन्होंने बताया कि जो बच्चे पोलियो बूथ पर दवा पीने से छूट जाएंगे उन्हें 8 से 12 अप्रैल तक 1247 टीमें घर-घर जाकर दवा पिलाएंगी। उन्होंने सभी प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिया शाम को समीक्षा कर रिपोर्ट दें। उन्होंने कहा कि जिला मुख्यालय पर प्रतिदिन समस्त ब्लाक की समीक्षा डब्लूएचओ के एसएमओ के साथ की जाएगी। जिला स्वास्थ्य एवं सूचना अधिकारी लाल बहादुर यादव, ए एन्थनी जानसन, कोल्ड मैनेजर नीरज निगम, वकास अहमद, पल्लवी सैनी, उमा शुक्ला, अविरल श्रीवास्तव, मनिन्दर सिंह, प्रदीप कुमार, मधुसूदन शुक्ला आदि मौजूद रहे। एसीएमओ डॉ. आरके गौतम, डॉ. एके रावत, स्वास्थ्य शिक्षाधिकारी लालबहादुर यादव प्रतिरक्षण अधिकारी नरेंद्र आदि ने अलग-अलग कई ब्लाकों के बूथों का निरीक्षण किया।

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अधिकांश बूथों पर रहा सन्नाटा

- महिला अस्पताल के बूथ पर अस्पताल में भर्ती प्रसूताओं के बच्चो को पोलियो ड्राप पिलायी गई, इससे यहां तो भीड़ रही लेकिन अधिकांश बूथों पर सन्नाटा पसरा रहा। हलाकि चिकित्साधिकारियों का कहना है कि धूप अधिक होने के कारण दोपहर से बच्चे आना कम हो गए थे।

Posted By: Jagran