मोदी सरकार - 2.0 के 100 दिन

जागरण संवाददाता, उन्नाव : नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर बच्चों के लिए बुखार और एंटीबायोटिक सीरप ही नहीं हैं। यह हाल भी तब है जब उमस और गर्मी के चलते डायरिया और बुखार जैसे संक्रामक रोग बढ़े हैं। अस्पताल संक्रामक बीमारियों से पीड़ित मरीजों से फुल हैं।

एक तरफ संचारी रोग नियंत्रण के लिए जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। संक्रामक रोग से पीड़ित मरीजों के उपचार का विशेष बंदोबस्त भी किया गया है। वहीं दूसरी ओर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन द्वारा संचालित नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में पिछले तीन माह से बच्चों की दवा नहीं है। पेट दर्द और उल्टी का सीरप छोड़ शहरी स्वास्थ्य केंद्रों में बच्चों का कोई सीरप नहीं है। एमओआइसी लगातार डिमांड कर रहे हैं लेकिन विभाग दवा की आपूर्ति नहीं दे रहा है। डॉक्टर की माने तो उमस और बदलते मौसम के कारण प्रतिदिन 70-80 मरीज अस्पताल आ रहे हैं जिनमें पांच वर्ष तक के 35-40 बच्चे होते हैं। सभी बच्चे जुकाम, बुखार, या फिर उल्टी दस्त से पीड़ित होते हैं। उनके लिए सीरप है नहीं इससे बड़ों की टेबलेट के सहारे काम चलाना पड़ता है। बच्चों की हलक के नीचे नहीं उतरती कड़वी दवा

डॉक्टरों का कहना है कि पांच वर्ष तक के बच्चे सीरप या फिर पानी में घुलने वाली टेबलेट ही खा पाते हैं। लेकिन जब अस्पताल में नहीं आ रही है तो कहां से दी जाए। इससे बड़ों को दी जाने वाली टेबलेट पीसकर दी जा रही है। कांशीराम कालोनी पीएचसी पर बच्चे की दवा लेने आई रहीशुन ने बताया कि टेबलेट मिली थी जिसे पिलाते ही बच्चे ने उल्टी कर दी। अब बाहर से दवा लेने के लिए लिखाने आई हूं। यही हाल कई अन्य बच्चों का भी है। यह दवाएं अस्पताल में नहीं

पांच वर्ष तक के बच्चों में इस समय सीजन बीमारी सर्दी, जुकाम, बुखार, उल्टी -दस्त की बीमारी सबसे अधिक हो रही है। शुक्रवार को मोतीनगर, कांशीराम कालोनी औश्र केशरगंज नगरीय स्वास्थ्य केंद्र पर दोपहर एक बजे तक 157 बीमार बच्चे पहुंचे इनमें सभी सीजनल बीमारियों से पीड़ित थे। उल्टी और पेट दर्द का तो सीरप दिया गया एंटीबायोटिक, पैरासीटामाल, मेट्रोजिल आदि सीरप नहीं थे। बच्चों के लिए सीरप की कमी है। ड्रग कारपोरेशन से कई बार दवा की ऑनलाइन डिमांड की गई है लेकिन आपूर्ति नहीं मिल रही है। इससे पुराने स्टाक से काम चलाया जा रहा है। जल्द ही वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी।

- डॉ. आरएस मिश्र, नोडल अधिकारी, नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र

Posted By: Jagran

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप