लखनऊ, जेएनएन। विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के दुष्कर्म तथा पीड़िता की हत्या के प्रयास के आरोप में जेल जाने के बाद उन्नाव एक बार फिर चर्चा में है। जिले के बिहार थाना क्षेत्र के हिंदू भाटन खेड़ा गांव में दुष्कर्म पीड़िता को गुरुवार को पेट्रोल डालकर जलाने का प्रयास किया गया। आंध्र प्रदेश के हैदराबाद में दुष्कर्म के बाद डाक्टर को जिंदा जलाने की घटना के बाद से संसद से लेकर सड़क तक लोगों का गुस्सा दिख रहा है, उसके बीच उन्नाव में दुष्कर्म पीड़िता को जिंदा जलाए जाने की कोशिश ने आग में घी डालने का काम किया। 

रायबरेली जाने को भोर पहर रेलवे स्टेशन जा रही दुष्कर्म पीड़िता युवती पर केरोसिन डालकर कुछ लोगों ने आग लगा दी और भाग निकले। इसके बाद पास की एक गैस एजेंसी की गोदाम के गार्डों की सूचना पर पहुंची पीआरवी ने उसे सुमेरपुर सीएचसी पहुंचाया जहां से जिला अस्पताल लाया गया। हालत बेहद नाजुक होने के कारण उसको लखनऊ के सिविल हास्पिटल रेफर कर दिया गया। युवती करीब 90 प्रतिशत जल गई है और उसकी हालत काफी गंभीर है। 

एयर एंबुलेंस से भेजा गया दिल्ली

उन्नाव में आग के हवाले की गई दुष्कर्म पीड़िता को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल शिफ्ट जा रहा है। सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर पीड़िता को एअरलिफ्ट किया जा रहा है। पीड़िता को एयर एंबुलेंस से दिल्ली ले जाया जा रहा है। इसके लिए लखनऊ पुलिस ने सिविल अस्पताल से अमौसी एयरपोर्ट तक ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया। अस्पताल से लेकर एयरपोर्ट तक ग्रीन कॉरिडोर में ट्रैफिक पुलिस के जवान मुस्तैद रहे। 

90 फीसद जल चुकी है पीड़िता

पीड़िता को लखनऊ के सिविल अस्पताल में सुबह 10:30 बजे लाया गया। निदेशक डॉ डीएस नेगी के मुताबिक 90 फीसद बर्न है। हालत गंभीर है। पीड़िता लखनऊ में सिविल अस्पताल के बर्न यूनिट में भर्ती है। पीड़िता को देखने एडीजी जोन एसएन सावंत सिविल अस्पताल पहुंचे। निदेशक डॉ. डीएस नेगी का कहना है कि पीड़िता 90 प्रतिशत जल चुकी है। इलाज के लिए अपनी पूरी टीम लगा रखी है। सिविल अस्पताल के प्लास्टिक सर्जन डॉ. प्रदीप तिवारी पीड़िता का इलाज कर रहे हैं। उन्नाव से पीड़िता के परिवारीजन कड़ी सुरक्षा में सिविल अस्पताल पहुंचे हैं। 

  

बिहार थाना क्षेत्र के गांव हिंदू भाटन खेड़ा गांव निवासी युवती भोर पहर रायबरेली जाने को बैसवारा रेलवे स्टेशन के निकली थी। वह गांव से करीब तीन सौ मीटर दूर स्टेशन के रास्ते में थी कि उसके वात दुष्कर्म करने के आरोपित शिवम त्रिवेदी पुत्र हरिशंकर ने अपने साथियों के साथ उस पर केरोसिन छिड़क कर आग लगा दी और भाग निकले। इसके बाद आग का गोला बनी युवती बचाने की गुहार लगाते हुए दौड़ती युवती पास की एक गैस एजेंसी तक पहुंच कर गिर गई। वहां पर शोर सुन बाहर निकले गार्ड ने युवती को जलते देख आग बुझाने के बाद यूपी 112 पर सूचना दी। इसके कुछ देर में वहां पहुंची पीआरवी ने युवती को सुमेरपुर सीएचसी पहुंचाया। जहां से डाक्टर ने हालत नाजुक देख कर उसे जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया।

जिला अस्पताल में डीएम देवेंद्र कुमार पाण्डेय तथा एसपी विक्रांत वीर की देखरेख में प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर देख युवती को लखनऊ के सिविल हास्पिटल रेफर कर दिया गया। सुमेरपुर अस्पताल में एसडीएम दयाशंकर पाठक को दिए बयान में पीड़िता ने बताया कि वह गाैरा माेड के पास पहुंची तो पहले से माैजूद गांव के हरिशंकर त्रिवेदी, रामकिशोर त्रिवेदी, उमेश बाजपेयी व रेप के आराेपित शिवम त्रिवेदी, शुभम त्रिवेदी ने लाठी, डंडे, चाकू से वार कर दिया। उसके बाद पेट्रोल डालकर आग लगा दी। चीखने-चिल्लाने पर वहां पहुंचे आसपास के लोगों ने शोर मचाया तो आरोपित भाग गए। इसकी सूचना पर पहुंचे स्वजनों ने उसे सीएचसी पहुंचाया और पुलिस को जानकारी दी। सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और पीड़िता को जिला अस्पताल पहुंचाया गया। पीड़िता को गंभीर हालत में डॉक्टरों ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया। पीड़िता की हालत लगातार बिगड़ते जाने से उसको लखनऊ ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया गया।

दुष्कर्म आरोपित ने बुलाया था बात करने

गंभीर रूप से झुलसी युवती के मुताबिक शिवम त्रिवेदी पुत्र रामकिशोर ने बात करने के लिए उसे रायबरेली चलने के लिए बुलाया था। रास्ते में शिवम के साथ उसके पिता रामकिशोर, शुभम और उसके पिता हरिशंकर के साथ उमेश बाजपेई भी साथ थे। उन सभी ने उस पर दुष्कर्म का मुकदमा वापस लेने का दबाव बनाया, उसके इंकार करने पर उन सभी ने केरोसिन छिड़क कर आग लगा दी। 

पांचों आरोपित गिरफ्तार 

पीड़िता को जिला अस्पताल लाए जाने के साथ ही डीएम देवेंद्र पांडेय एसपी विक्रांत वीर के साथ घटनास्थल के बाद वहां पहुंच गए। पीड़िता के नाम बताने पर तीन को पुलिस ने कुछ ही देर में उनके घरों से गिरफ्तार कर लिया। बाकी दो की गिरफ्तारी के लिए चार टीमों ने ताबड़ तोड़ दबिश देना शुरू किया तो वह खुद ही पुलिस के पास पहुंच गए। पांच में से फरार चल रहे मुख्य आरोपी ने पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया है। मुख्य आरोपी शिवम द्विवेदी है। शिवम द्विवेदी के सरेंडर करने के बाद घटना के पांचों आरोपी पुलिस की पकड़ में हैं। 

आईजी मौके पर पहुंचे की जांच

पीड़िता को सिविल हास्पिटल रेफर कराने के बाद डीएम और एसपी घटनास्थल और गांव भी पहुंचे। उनके वहां पहुंचने के कुछ देर बाद ही आईजी एसके भगत भी पहुंच गए और उन्होंने अपने सामने डॉग स्क्वाएड व फॉरेंसिक टीम से मौके की जांच कराई। बाद में अधिकारियों ने गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ भी की।

चार आरोपी गिरफ्तार

गंभीर रूप से झुलसी पीड़िता ने अपने बयान में दोनों आरोपियों का नाम लिया है। मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। एसपी विक्रांत वीर के मुताबिक पीड़िता ने मार्च में दो लोगों के खिलाफ दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराया था, जिसमें एक की गिरफ्तारी की गई थी। आज की घटना में पीड़िता ने पांच लोगों के नाम लिए जिनमें से चार को घटना की सूचना मिलने के बाद गिरफ्तार किया जा चुका है। बाकी की गिफ्तारी के लिए पुलिस की चार टीमों को लगाया गया है। पुलिस ने जब आरोपियों के घरों पर छापे मारे तो सभी अपने अपने घरों पर परिवारवालों के बीच मौजूद मिले। वहीं से उन्हें गिरफ्तार किया गया। 

मुकदमा वापस लेने का लगातार दबाव

पीड़िता का कहना है कि आरोपी पक्ष की ओर से मुकदमा वापस लेने के लिए लगातार दबाव बनाया जा रहा था। उसने मुकदमा वापस नहीं लिया तो हमलावरों ने जान से मारने की कोशिश की।

बचाने के लिए हरसंभव कोशिश 

डीजीपी ओपी सिंह ने कहा कि यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। पीड़िता को जलाया गया है। उसे बचाने के लिए हरसंभव कोशिश की जा रही है। उसे लखनऊ रेफर किया गया है। इस मामले में कार्रवाई करते हुए तीन आरोपी हरीशंकर त्रिवेदी, शुभम त्रिवेदी व एक अन्य को गिरफ्तार किया गया है। एक अन्य आरोपी फरार है। पुलिस सभी की कॉल डिटेल्स खंगाल रही है। हमने पीड़िता का स्टेटमेंट भी लिया है जो केस में बहुत महत्वपूर्ण होगा। डीजीपी ने बताया कि कोर्ट के आदेश के बाद रायबरेली में यह मुकदमा दर्ज हुआ था।

वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद

सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि एडीजी लखनऊ जोन पीड़िता के साथ हैं। इनके अलावा आईजी तथा कमिश्नर मौके पर हैं। डीएम देवेंद्र कुमार पाण्डेय तथा एसपी विक्रांतवीर भी मामले की जांच में स्वयं जुटे हैं। अगर इस मामले में पुलिसकर्मी दोषी पाए गए तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी। वरिष्ठ अधिकारीगण मौके पर मौजूद हैं। घटना की गहन तफ्तीश की जा रही है। इस घटना से जुड़े कुछ और तथ्य भी मिले हैं, जिनकी पुलिस जाँच कर रही है।

प्रियंका गांधी ने साधा निशाना

इस दर्दनाक घटना पर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने भी रोष व्यक्ति किया है। उन्होंने एक ट्वीट में लिखा, कल देश के गृह मंत्री और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने साफ-साफ झूठ बोला कि यूपी की क़ानून व्यवस्था अच्छी हो चुकी। हर रोज ऐसी घटनाओं को देखकर मन में रोष होता है। भाजपा नेताओं को भी अब फर्जी प्रचार से बाहर निकलना चाहिए। 

रायबरेली में दर्ज है सामूह‍िक दुष्‍कर्म का मामला 

पीड़िता ने बिहार और लालगंज कोतवाली में सामूहिक दुष्कर्म के दो मुकदमे दर्ज कराए थे। जिनकी विवेचना लालगंज पुलिस कर रही है। पहला मुकदमा बिहार थाने में 12 दिसंबर को उसी क्षेत्र के हिंदू नगर निवासी शिवम त्रिवेदी और शुभम त्रिवेदी के खिलाफ लिखा गया। जिसकी विवेचना बाद में लालगंज ट्रांसफर हो गई। दूसरा मुकदमा 19 जनवरी को लालगंज कोतवाली में लिखा गया। जिसमें इन्हीं दोनों को आरोपित बनाया गया है। दोनों मुकदमों में सामूहिक दुष्कर्म की धाराएं लगाई गई हैं। सुबह वारदात की सूचना मिलते ही लालगंज पुलिस भी हरकत में आ गई है। यह भी पता चला है कि इस मामले में जेल भेजा गया एक आरोपित एक हफ्ते पहले जमानत पर छूटा है। 

Posted By: Dharmendra Pandey

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