जागरण संवाददाता, उन्नाव: बेटियों को सुरक्षित करने की मुहिम में अंग्रेजी माध्यम प्रावि आशाखेड़ा की शिक्षिका अन्नपूर्णा दीक्षित ने वो कर दिखाया, जिसकी कल्पना समाज से की जाती है। शिक्षक का फर्ज निभाते हुए उन्होंने 'लाडली' को बचाने के लिए मनचले से टक्कर ली और भीड़ में उसे शर्मिदा किया। इस हिम्मत की ग्राम प्रधान से लेकर पूरे गांव ने प्रशंसा की। इस हौसले को बरकरार रखते हुए उन्होंने बेटियों के प्रति लोगों की सोच को बदलते हुए जहां शिक्षित समाज की पट पर लड़कों से ज्यादा लड़कियों का नाम दर्ज कराया वहीं विद्यालय को नजीर भी बना दिया।

नवाबगंज ब्लॉक के आशाखेड़ा स्थित अंग्रेजी माध्यम प्रावि में सहायक अध्यापिका पद पर अन्नपूर्णा दीक्षित कार्यरत हैं। लखनऊ निवासी अन्नपूर्णा को बेसिक शिक्षा के क्षेत्र में करीब 11 साल हो गए। रायबरेली जनपद से स्थानांतरित होकर वह दिसंबर 2016 में उन्नाव आयी थीं। उन्होंने पूर्व माध्यमिक विद्यालय अर्जुनामऊ सोहरामऊ में बच्चों को विज्ञान पढ़ाना शुरू किया। शिक्षा के साथ बेटी बचाओ की दिशा में कुछ अलग करनी की सोच उनके जेहन में हमेशा से रही। शैक्षिक सत्र 2017-18 में अंग्रेजी माध्यम प्राथमिक स्कूल आशाखेड़ा में प्रधान शिक्षिका बनीं। उस समय कक्षा में बच्चों की संख्या 80 के करीब थी, अब 174 बच्चे हैं। इसमें बेटियों की संख्या ज्यादा है। अन्नपूर्णा का कहना है कि उन्होंने जब स्कूल की कमान संभाली तब कक्षाएं जर्जर थीं व टूटे-फूटे फर्नीचर पर बच्चे पढ़ते थे। सरकारी मदद के साथ अपनी पगार से कुछ रुपये खर्च करते हुए सर्व शिक्षा अभियान की तस्वीर को बदला। बुनियादी ढांचे में परिवर्तन लाने के बाद बेटियों को आगे बढ़ाने की दिशा में अनूठे कार्य किए। हर कक्षा में बच्चों को पढ़ाने के लिए सफेद बोर्ड लगवाए। बुद्धिमत्ता से एक छात्रा को यौन शोषण का शिकार होने से बचाया। शैतानी दिमाग वाले युवक को पूरे गांव के सामने शर्मिदा किया और समाज से सजा दिलाई।

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