संवाद सूत्र, चकलवंशी : पशु तस्करी पर लगाम कसने को एक ओर जहां सरकार सख्त है, तो वहीं दूसरी ओर पुलिस कहीं न कहीं ऐसे तस्करों पर हल्की कार्रवाई कर उन्हें बचने का रास्ता दिखा देती है। शर्त यह होती है कि इसके लिये पुलिस की मांग पूरी हो जाए। ऐसा ही कुछ मंगलवार को दो पिकअप में मवेशियों को स्लाटर ले जा रहे आरोपितों पर कमजोर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने किया।

माखी थाना क्षेत्र के कस्बा चकलवंशी व रऊकरना के बीच सोमवार देररात दो पिकअप हरदोई से उन्नाव जा रहे थे। इसकी सूचना मिलने पर पुलिस ने घेराबंदी कर वाहनों को रोककर तलाशी ली तो इसमें एक में छह भैस और दूसरे में तीन भैस व एक पड़वा लदे थे। पुलिस ने चालक आरिफ पुत्र चिन्ना निवासी मोहल्ला रामनगर थाना कछौना हरदोई और नशीर पुत्र बसीर अली निवासी बेनहरा लोनार थाना कछौना हरदोई से पूछताछ की तो उसने मवेशियों को उन्नाव स्थित एक स्लाटर हाउस ले जाने की बात बताई। इस बारे में एसओ राजबहादुर सिंह ने बताया कि माखी थानाक्षेत्र में कहीं पशुओं की लोडिग-अनलोडिग नहीं होती है। यह वाहन मुख्य मार्ग से अंधेरे का फायदा उठाकर उन्नाव ले जाए जा रहे थे। तभी उनको रोककर तलाशी ली गई तो उनमें दस मवेशी मिले। इसके बाद पकड़े गए दोनों चालकों के विरुद्ध पशु क्रूरता अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर उन्हें कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। वह लोग पशुओं से संबंधित कोई कागजात नहीं दिखा सके थे जिसकी जांच की जा रही है। बताया कि बरामद मवेशियों को आश्रय स्थल लखनऊ भेजा जा रहा है। वहीं इस बारे में सीओ सफीपुर भीम कुमार गौतम ने बताया कि माखी में पशु क्रूरता अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। आगे की कार्रवाई जांच के बाद की जाएगी।

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बिना कागजात के मवेशी मिलने पर भी नहीं लगाई पशु तस्करी की धारा

- पकड़े गए चालकों के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज हुआ है। जबकि उनके पास मवेशियों से संबंधित कोई कागजात नहीं थे। कोई पेपर न मिलने पर पशु तस्करी की धारा में मुकदमा होना चाहिए। लेकिन पुलिस ने इसमें आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई की आड़ में बचने का रास्ता भी दे दिया।

Posted By: Jagran

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