आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर बड़ा खतरा, बारिश से धंसी किनारे की मिट्टी
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर हसनगंज के बाराती खेड़ा गांव के पास बारिश से किनारे की मिट्टी धंस गई है। लगातार बारिश ...और पढ़ें

बाराती खेड़ा गांव के पास धंसी मिट्टी। जागरण
HighLights
एक्सप्रेसवे किनारे बाराती खेड़ा गांव के पास मिट्टी धंसी।
लगातार बारिश और पानी के तेज बहाव से हुआ कटाव।
हादसे की आशंका, यूपीडा ने मरम्मत के निर्देश दिए।
जागरण संवाददाता, हसनगंज, (उन्नाव)। क्षेत्र के बाराती खेड़ा गांव के पास आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे के किनारे के मिट्टी बारिश से धंस गई। लगातार बारिश के चलते पानी के तेज बहाव से सड़क के किनारे की मिट्टी कट कर बह गई, जिससे किनारे का हिस्सा कमजोर दिखाई दे रहा है। इससे एक्सप्रेसवे से गुजरने वाले वाहनों के साथ किसी बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है।
ग्रामीणों के अनुसार, बारिश का पानी एक्सप्रेसवे के किनारे जमा होने के बाद निकासी के रास्ते से तेज बहाव के साथ नीचे की ओर गया है। इससे किनारे की मिट्टी बह गई और सड़क की पटरी के पास कटाव हो गया। यदि समय रहते इसकी मरम्मत नहीं कराई गई तो बारिश होने पर कटाव और बढ़ सकता है। जिससे एक्सप्रेस की सड़क भी धंसने की संभावना है। यूपीडा सुरक्षा अधिकारी आरके चंदेल ने बताया कि कार्यदायी संस्था एटलस को सूचित कर रहा हूं। जल्दी ही मरम्मत कराई जाएगी।
बता दें कि मंगलवार को कानपुर से लखनऊ लेन पर गांव बड़ौरा के पास किमी 59.8 के पास सड़क लगभग 20 मीटर तक धंस गई। लखनऊ से कानपुर लेन पर नेवरना में किमी 56.1 के पास, कानपुर से लखनऊ लेन पर गांव भवानीखेड़ा के निकट किमी 46 पर सड़क लगभग 100 मीटर धंसी है। यहां जलभराव भी है।
इससे वाहनों के निकलते समय बौछार अगल-बगल से निकल रहे वाहनों के ऊपर पड़ रही है। गांव झब्बाखेड़ा व पड़री के बीच किमी 55 पर ड्रेन की नलियों के पत्थर टूटे हैं, जो ध्वस्त ड्रेनेज व्यवस्था बताने को काफी है।
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कांथा व नेवरना के बीच किमी 44.6 पर ड्रेन पाइप टुकड़ों में बंट गया है। अब तक निर्माण एजेंसी ने 200 स्थानों पर नालियां तोड़कर ड्रेनेज व्यवस्था ठीक की है। ग्रीन फील्ड हिस्से में उन्नाव से बनी तक उन्नाव से लखनऊ लेन में 132 जगह और लखनऊ से उन्नाव लेन पर 17 जगह पैचिंग की जा चुकी है। इसमें 57 ऐसे स्थान हैं, जहां 100 मीटर से लेकर डेढ़ किमी तक मार्ग धंसा व ठीक कराया गया।
