संवाद सहयोगी, पाटन (उन्नाव) : बच्चे के अपहरण के आरोपितों की मांग पर उन पांचों का लाई डिटेक्टर व पॉलीग्राफ टेस्ट होने के बाद अब इनकी रिपोर्ट पर सभी की निगाहें लग गई हैं। आरोपित व पीड़ित पक्ष के साथ ही पुलिस भी आगे की जांच रिपोर्ट के आधार पर करने की बात कह रही है। उम्मीद है कि इससे कई अहम सुराग मिल सकते हैं। उधर, करीब ढाई माह बाद भी बच्चे का सुराग नहीं लग सका है।

बिहार थानाक्षेत्र के एक गांव निवासी दिवंगत पीड़िता का भतीजा बीती 2 अक्टूबर को रहस्यमय ढंग से लापता हो गया था। बच्चे की बुआ ने गांव की तीन महिलाओं सहित 5 के खिलाफ अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने सभी को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। आरोपितों ने खुद को निर्दोष बता कोई भी जांच कराने को कहा था। कोर्ट के आदेश पर आरोपितों का लाई डिटेक्टर व पॉलीग्राफ टेस्ट शुक्रवार तक हुआ। इसके बाद अब लोगों को टेस्ट रिपोर्ट आने का इंतजार है। उधर, घटना के दूसरे दिन से ही पुलिस की 14 टीमें, एसओजी व एसटीएफ, सर्विलांस व स्वॉट आदि की टीमें लगी हुई हैं। जो कई जिलों व प्रदेशों में बच्चे को खोजने के साथ गांव के दर्जनों लोगों व छह बच्चों से पूछताछ कर चुकी हैं। इसके बाद भी बच्चे का सुराग नहीं लग सका है। वहीं अब आरोपितों के स्वजन पीड़ित पक्ष के लोगों का भी नार्को व लाई डिटेक्टर टेस्ट कराने और मामले की सीबीआइ जांच कराने की गुहार लगा रहे हैं। उन्होंने सीबीआइ जांच के लिए हाईकोर्ट में रिट भी दायर की हुई है। जिसकी अगली सुनवाई पर सभी की नजरें लगी हुई हैं।

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