उन्नाव, जेएनएन। स्वतंत्रता दिवस तथा रक्षाबंधन पर सरकारी विज्ञापन में भाजपा के शीर्ष नेताओं के साथ पॉक्सो तथा दुष्कर्म के मामले में आरोपित विधायक कुलदीप सिंह सेंगर का फोटो छपने से खलबली मची है। भाजपा से निष्कासित बांगरमऊ से विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के खिलाफ सीबीआइ जांच कर रही है। इसी बीच इस विज्ञापन के छपने से सरकार की फजीहत तय है।

दिल्ली के तीस हजारी कोर्ट ने उन्नाव दुष्कर्म केस के मुख्य आरोपित विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर पॉक्सो के एक्ट तहत नए सिरे से आरोप तय करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने सीबीआइ को यह निर्देश दिया है। इसी बीच उन्नाव में नया मामला सामने आ गया है।

उन्नाव में प्रतिष्ठित हिन्दी अखबार में छपे इस सरकारी विज्ञापन में भाजपा से निष्कासित रेप के दुष्कर्म के आरोपित विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की तस्वीर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भाजपा के अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ लगी है।

ऊगू नगर पंचायत की ओर से छपवाए गए सरकारी विज्ञापन पर सवाल उठ रहे हैं। इस विज्ञापन में ऊगू नगर पंचायत अध्यक्ष अनुज दीक्षित ने दुष्कर्म के आरोपी विधायक कुलदीप सेंगर की फोटो भाजपा के बड़े नेताओं के साथ छपवा दी है। यह विज्ञापन के साथ ही फोटो काफी तेजी से सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रही है। लोग इस विज्ञापन पर तमाम तरह के सवाल उठा रहे हैं।

सेंगर की फोटो के साथ छपे विज्ञापनों में स्वच्छ भारत मिशन के तहत ऊगू को प्लास्टिक मुक्त करने और प्लास्टिक छोडऩे की अपील भी की गई है। वहीं रक्षाबंधन और जन्माष्टमी की शुभकामनाएं दी गई हैं। इस बारे में अनुज दीक्षित ने दलील दी है कि कुलदीप सेंगर उनके इलाके के विधायक हैं। ऐसे में जब तक वे विधायक हैं तब तक उनकी तस्वीर विज्ञापनों में लगाई जा सकती है।

उन्नाव में बांगरमऊ विधायक कुलदीप सेंगर इन दिनों तिहाड़ जेल में बंद हैं। उनके खिलाफ दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट में सुनवाई भी चल रही है।  

Posted By: Dharmendra Pandey