जागरण संवाददाता, उन्नाव : लखनऊ-कानपुर हाईवे पर तेज रफ्तार डीसीएम की टक्कर से युवक की मौत पर गुस्साए लोगों ने हाईवे जाम कर हंगामा शुरू कर दिया। पुलिस ने शव को सड़क से हटवा पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिला लोगों को शांत कर जाम खुलवाया। इस दौरान करीब पौन घंटा जाम से आवागमन बाधित रहा।

अचलगंज थाना क्षेत्र के सिकंदरपुर कर्ण गांव के कुशलपुर गांव निवासी अश्वनी (30) पुत्र सुंदर चचेरे भाई अंकुश के साथ चाची नीलम की दवा लेने शहर आया था। शाम पांच बजे करीब वह बाइक से घर लौटा। लखनऊ-कानपुर हाईवे पर गदनखेड़ा चौराहा क्रास करने के दौरान तेज रफ्तार डीसीएम ट्रक ने उसे रौंद दिया। सूचना पर पहुंचे परिजनों ने वाहन समेत चालक के भागने और अश्वनी का शव देख आपा खो दिया और हाईवे पर जाम लगा दिया।

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उग्र भीड़ से हुई तीखी झड़प

- हादसे और हाईवे जाम की सूचना पर पहुंचे कोतवाली प्रभारी अरुण द्विवेदी ने उग्र परिजनों को समझाने का प्रयास किया। परिजनों के न मानने पर जाम के बिगड़ते हालात देख बल प्रयोग कर शव उठाने का प्रयास किया। इस दौरान परिजनों से पुलिस की तीखी झड़प भी हुई। हालांकि पुलिस ने जबरन शव को उठवा पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी हाउस भिजवा दिया। बाद में कोतवाल ने गुस्साए परिजनों को कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिलाकर गुस्सा शांत किया। लोगों ने हादसा कर भागे डीसीएम ट्रक का नंबर पुलिस को दिया है।

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गर्भवती पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल

अश्वनी की तीन साल पहले शादी हुई थी। कुछ माह बाद उसके घर किलकारियां गूंजने वाली थी। गर्भवती पत्नी सपना को जैसे ही पति की मौत की जानकारी मिली वह बेसुध हो गई। वहीं मां सियाप्यारी और पिता सुंदर बदहवास हो गए। परिजनों ने बताया कि कुछ दिन बाद ही अश्वनी को विदेश जाना था, इससे वह वह दुनिया से चला गया।

Posted By: Jagran