जागरण संवाददाता, उन्नाव : होली का त्योहार सिर पर है और हजारों मनरेगा मजदूरों के खाते खाली पड़े हैं। इससे मजदूरों को होली का रंग फीका होने की ¨चता सता रही है। पुरवा समेत कई ब्लाकों की ग्राम पंचायतों के मजदूर इसके लिए प्रार्थनापत्र देकर मांग भी कर चुके हैं लेकिन उन्हें भुगतान नहीं मिल रहा है। जबकि मनरेगा को मजदूरो का भुगतान करने का धन भी मिल चुका है।

जिले में लगभग 20 हजार से अधिक जाब कार्ड धारकों ने मनरेगा में काम किया। लेकिन बजट न होने से उन्हें मजदूरी नहीं मिली। कई माह से मजदूरी पाने के लिए वह प्रधान वह ग्राम पंचायत अधिकारियों को घेर रहे हैं। अब होली सिर पर है और मजदूरों के हाथ खाली हैं इससे वह प्रधानों के घरों पर दस्तक दे भुगतान करने का दबाव बना रहे हैं। पुरवा के एक प्रधान ने शनिवार को डीएम को प्रार्थना पत्र देकर मनरेगा श्रमिकों को भुगतान दिलाने की मांग भी की थी। त्योहार सिर पर होने के बाद भुगतान न मिलने से मजदूर त्योहार पर भी हाथ खाली होने की आशंका से परेशान हैं। जिले में मनरेगा मजदूरों का लगभग चार करोड़ रुपया वर्तमान समय में बकाया चल रहा है।

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मनरेगा कार्यों की स्थलीय जांच अधूरी

नवाबगंज: नवाबगंज ब्लाक की 75 ग्राम पंचायतों में से करीब 60 ग्राम पंचायतों में मनरेगा योजना में कराये गए विभिन्न विकास कार्यो में मजदूरी करने वाले मजदूरों का करीब 87 लाख रूपया बकाया है। मनरेगा मजदूरों का कहना है पिछले साल की तरह इस बार भी अगर मजदूरी नही मिली तो होली फीकी रहेगी। पिछले वर्ष तो प्रधानी चुनाव थे जिसके चलते प्रत्याशी और मौजूदा प्रधानों ने मनरेगा मजदूरों की आर्थिक मदद की थी। लेकिन इसबार ऐसा भी सहारा नहीं है। मनरेगा कार्यो की अभी तक स्थलीय जांच ही चल रही है जिससे भुगतान होने में संशय बना है।

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मनरेगा का बजट आ गया है। भुगतान की प्रक्रिया शुरू करा दी है। लगभग डेढ़ करोड़ रुपया कुछ ब्लाकों जहां स्थलीय जांच रिपोर्ट आ गई है वहां के मजदूरों को भुगतान भी कराया जा चुका है। शेष में होली से पूर्व भुगतान करने का आदेश खंड विकास अधिकारियों को दे दिया है।

- शेषमणि ¨सह, उपायुक्त मनरेगा

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Posted By: Jagran