सुलतानपुर में सांप के डसने से दो छात्राओं की मौत, एक के तो बिस्तर में ही मिली नागिन
Snakebite: बरसात के मौसम में जहरीले जंतु और सांप घरों में बिस्तर तक पहुंच रहे हैं, जो गंभीर खतरा है।

सौम्या सिंह पायल सिंह
HighLights
सर्पदंश से कक्षा नवीं की छात्रा की मौत, बिस्तर में मिली नागिन
परिवार वालों ने पहले पारंपरिक तरीकों से इलाज कराने की कोशिश की
जागरण संवाददाता, सुलतानपुर। जिले में दो अलग-अगल घटनाओं में सांप के काटने से बालिकाओं की मौत हो गई। बरसात के मौसम में जहरीले जंतु और सांप घरों में बिस्तर तक पहुंच रहे हैं, जो गंभीर खतरा है।
भदैंया के भरसारे गांव की एक कक्षा नौ की छात्रा सौम्या को रात को सोते समय एक सांप ने डस लिया। परिवारजन उसे लेकर अस्पताल पहुंचे जहां चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया। परिवारजन जब शव लेकर घर लौटे तो बिस्तर में ही नागिन मिली। सौम्या सिंह कामतागंज पन्नाटिकरी स्थित विद्यालय में की कक्षा नौ की छात्रा थी।
शनिवार रात में परिवार के साथ भोजन कर सोने चली गई। रविवार सुबह वह अपने बिस्तर से नहीं उठी तो परिवारजन ने उसे बुलाया, काफी देर बाद जब बाहर नहीं निकली तो देखा तो वह बिस्तर पर बेहोश पड़ी थी। छात्रा के बड़े पिता मनोज सिंह उसे लेकर मेडिकल कालेज अस्पताल गए। जहां चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया। छात्रा का शरीर नीला पड़ गया था तथा उसके साथ ही दाहिने हाथ की अंगुली में निशान था, चिकित्सक ने किसी विषैले सांप के काटने की बात बताई।
बिस्तर में लिपटी मिली नागिन
परिवारजन शव को लेकर घर लौटे तो उसके बिस्तर को देखा तो एक नागिन बिस्तर में लिपटी थी। छात्रा के पिता पंकज सिंह मुंबई में रहते हैं। जो घटना की जानकारी पर घर आ रहे हैं। अचानक हुई इस घटना से परिवारजन का रो-रोकर हाल बेहाल है। शिवगढ़ कोतवाल परशुराम ओझा ने बताया कि उनको इस घटना की कोई सूचना नहीं है।
झाड़-फूंक में बीता समय; छात्रा की मौत
अखंडनगर के बनगवांडीह (बेरूका) गांव में शनिवार रात एक सर्पदंश घटना में छात्रा की मौत हो गई। पायल सिंह (13) पुत्री पवन सिंह शनिवार रात अपनी बहनों के साथ घर में सो रही थी। इसी दौरान उसको किसी विषैले जंतु ने काट लिया। घटना की जानकारी होने पर परिजन तत्काल चिकित्सकीय उपचार कराने के बजाय पहले झाड़-फूंक के लिए ले गए।
पहले उसके दादा राम अजोर सिंह उर्फ पुजारी ने भी शुरुआत में झाड़-फूंक की। बाद में सर्पदंश की आशंका बढ़ने पर परिजन उसे कादीपुर क्षेत्र के करपीरामपुर ले गए। वहां से भी राहत न मिलने पर जिला अस्पताल सुल्तानपुर पहुंचाया गया। जिला अस्पताल में चिकित्सकों ने जांच के बाद किशोरी को मृत घोषित कर दिया। परिवार के लोगों को उम्मीद थी कि उपचार से उसकी हालत में सुधार होगा, लेकिन अस्पताल पहुंचने तक काफी देर हो चुकी थी।
