शिवशंकर पांडेय भदैंया (सुलतानपुर)

पानी की हर बूंद कीमती है, जिसकी कीमत हमें समझनी होगी। बरसात की हर बूंद को सहेजना होगा, ताकि जलस्तर बढ़ सके और पीने के लिए शुद्ध जल अनवरत मिलता रहे। सरकार व पर्यावरणविद स्तर पर बरसात के पानी को संरक्षित करने के लिए उपाय भी किए जा रहे हैं। लोगों को जागरूक कर निजी स्तर पर इसके लिए योजनाओं का क्रियान्वयन भी किया जा रहा है।

विकास खंड के बरुई गांव का आदर्श तालाब साल 2005 में पंचायत स्तर पर बनाया गया है। मनरेगा से निर्मित इस तालाब में 16 साल से वर्षा जल संरक्षित किया जा रहा है, जो कि सालभर लबालब रहने से क्षेत्र का जलस्तर बढ़ाने में भी मदद करता है। यह तालाब खेत-खलिहान, बाग और पक्की सड़क किनारे स्थित है। तालाब के चारों ओर मोटी व बड़े व्यास की ह्यूम पाइप बिछाकर पक्की चुनाई कर व्यवस्थित किया गया है, जिससे वर्षा का जल चारों ओर से इस तालाब में पहुंचकर सुरक्षित व संचित हो रहा है।

कभी-कभी किसान इस संचित जल का प्रयोग पंप के माध्यम से सिचाई के लिए भी करते हैं। इस जलाशय के दो तरफ बाग-बगीचे हैं, जिनके विशाल पेड़ों की छाया से पानी शीतल बना रहता है। साथ ही वाष्प उत्सर्जन भी कम होता है। इस तालाब में दो तरफ से पक्की सीढ़ी बनाकर इसे आदर्श जलाशय का दर्जा दिया है।

ग्राम प्रधान बरुई पंचायत नरेन्द्र कुमार विश्वकर्मा ने बताया कि आदर्श तालाब में जल संचयन की व्यवस्था है। उसको और सुदृढ़ किया जाएगा। तालाब का जीर्णोद्धार कर पार्क का लुक दिया जाएगा। जल संचयन के अन्य उपाय व शासन की योजनाओं को गांव में लागू किया जाएगा।

ग्रामीणों के श्रमदान से होती सफाई :

वर्षभर में दो बार ग्रामीणों के सहयोग से तालाब की सफाई कराई जाती है। इस वर्ष मानसून के पहले आ जाने से सफाई कार्य नहीं हो सका है। बहरहाल, अब तक हुई बरसात का पानी भी तालाब में पहुंच रहा है।

चारों ओर से नाली व पाइप से आता है पानी :

तालाब के पूरब राम सूरत तिवारी की बाग व दक्षिण की तरफ विनोद सिंह आदि की बाग है। यहां से पानी नाली से तालाब में पहुंचता है। तालाब के पश्चिम किनारे रामलाल गुप्ता व रामनायक सिंह आदि का खेत है, यहां से भी ह्यूम पाइप से तालाब में जल संचित किया जाता है।

Edited By: Jagran