प्रेम-हरियाली का अनमोल उपहार, सुलतानपुर में रक्षाबंधन पर पौधा रोप भाई-बहन देंगे प्रकृति संरक्षण का संदेश
सुलतानपुर में रक्षाबंधन के अवसर पर भाई-बहन पौधारोपण कर प्रकृति संरक्षण का संदेश देंगे। वन विभाग ने रक्षाबंधन वाटिका में ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक तस्वीर।
HighLights
रक्षाबंधन पर भाई-बहन मिलकर करेंगे प्रकृति संरक्षण हेतु पौधारोपण।
सुलतानपुर वन विभाग ने रक्षाबंधन वाटिका में 200 से अधिक भाई-बहनों को बुलाया।
पौधारोपण से पर्यावरण संतुलन बनेगा और त्योहार यादगार रहेगा।
सूर्यप्रताप सिंह, सुलतानपुर। रक्षाबंधन भाई-बहन के रिश्ते को मजबूत करने के साथ-साथ, प्रकृति और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी निभाने का अवसर है।
भाई-बहन के नाम लगाया गया पौधा प्रेम, विश्वास और समर्पण का प्रतीक होने के साथ आने वाली पीढ़ियों के लिए हरियाली और स्वच्छ पर्यावरण का अनमोल उपहार साबित होगा। सभी बहन इस बार राखी बांधने के उपरांत एक पौधा रोपित कर उसके संरक्षण का जिम्मा लेंगी, इससे पर्यावरण संतुलन तो कायम रहेगा साथ ही जीवन भर यादगार बना रहेगा।
वन विभाग की ओर से रक्षाबंधन वाटिका में 200 से अधिक भाई बहनों के आने की संभावना जताई जा रही है। इसके लिए वन विभाग पंचायत प्रतिनिधियों का सहयोग ले रहा है।
रक्षाबंधन वाटिका में भाई बहनों से पौधारोपण कराने के लिए वन विभाग ने पंचायत प्रतिनिधियों के सहयोग से शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों में त्योहार को यादगार बनाने के लिए लोगों को जागरूक किया है। विभाग की ओर से शहर में सभासदों के माध्यम से भाई बहनों को रक्षाबंधन वाटिका में बहनों को भाइयों संग आने के लिए आमंत्रित किया है।
इन प्रजातियों के रोपे जाएंगे पौधे
रक्षाबंधन वाटिका में भाई बहन शीशम, सागौन, आम, अमरूद, महुआ, आंवला, नीबू, बेल, सहजन,पाकड़ आदि प्रजाति के पौध रोपेंगे। इन पौधों की देखरेख वनकर्मी निभाएंगे। सब कुछ ठीकठाक रहा तो रोपे गए पौधों को संरक्षित करने के बाद रक्षाबंधन वाटिका में हरियाली देखने को मिलेगी।
आरक्षित वन ब्लाक पांचोपीरन कस्बा में रक्षाबंधन वाटिका की भूमि का चयन किया गया है। गुरुवार को इस वाटिका में सभी गड्ढों की खोदाई कराई कराकर गड्ढों को तैयार किया जाएगा। रक्षाबंधन के दिन शुक्रवार को भाई और बहन इस वाटिका में पौध रोपकर त्योहार को यादगार बनाएंगे। भाई-बहनों को यहां लाने की जिम्मेदारी रेंजर निभाएंगे। इससे पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।
अमित सिंह प्रभागीय वनाधिकारी
