सुलतानपुर, संवादसूत्र। डीएलएड परीक्षार्थियों को परीक्षा में अच्छे नंबर दिलाने के नाम पर जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) के सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी पर रुपये लेने का आरोप लगा है। लेनदेन उनकी पत्नी के बैंक खाते में होने की बात कही जा रही है। प्रकरण वाट्सएप चैटिंग से सामने आया, जो प्रसारित हो रहा है। यह भी बताया जा रहा है कि संस्थान में शिक्षा माफिया का काकस है, इसमें कुछ कर्मी स्वयं भी शामिल हैं। वे देखते ही देखते करोड़ों की संपत्ति के मालिक बन गए। कुछ बाबुओं की भूमिका खास बताई जाती है, जो अर्से से यहीं पर जमे हैं। चैट में एक बाबू का नाम व नंबर भी उजागर हुआ है। अब पोल खुलने के बाद सफाई दी जा रही है। देखने वाली बात यह होगी कि विभागीय उच्चाधिकारी इस गंभीर मामले में क्या रुख अपनाते हैं।

सीडीओ बोले, शिक्षा माफिया ने लिया था ठेका 

मुख्य विकास अधिकारी अंकुर कौशिक ने बताया कि डायट में डीएलएड परीक्षा के दौरान बड़े पैमाने पर विद्यार्थियों से लेनदेन हुआ है। अच्छे नंबर दिलाने के नाम पर शिक्षा माफिया ने ठेका लिया था। धन उगाही की गई, लेकिन नाकामी मिलने पर यह मामला खुल गया। इसपर परीक्षार्थी अब धनराशि वापसी की मांग कर रहे हैं। इस कारण वाट्सएप चैट किसी ने प्रसारित कर दिया। इसकी जांच कराकर प्रभावी कार्रवाई की जाएगी। तथ्यों के आधार पर आवश्यक कार्रवाई होगी।

रिश्ते में आते हैं कुछ परीक्षार्थी

लेखाधिकारी रामयश यादव का कहना है कि कुछ परीक्षार्थी हमारे रिश्ते में आते हैं। अस्पताल में भर्ती के दौरान पत्नी के खाते से कुछ लेनदेन हुआ है। विकास नाम के युवक ने रुपये दिलाने की बात कही है, जो रिश्तेदार है। शिक्षा विभाग में अधिकारी होने के कारण उसने हमसे सहयोग मांगा था। नंबर दिलाने के नाम पर रुपये नहीं लिए गए।

Edited By: Anurag Gupta

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