सुलतानपुर : यूपी बोर्ड, सीबीएसई व आइसीएसई के शत प्रतिशत परीक्षा परिणाम से छात्र खेमे में जहां खुशी है, वहीं अगली कक्षाओं में प्रवेश की समस्या भी सामने आ रही है। महाविद्यालयों में स्नातक कक्षाओं के लिए सीमित सीटों पर प्रवेश के लिए मारामारी की स्थिति पैदा होने की आशंका प्रबल हो गई हैं। कालेज प्रशासन भी 12वीं कक्षा में पास विद्यार्थियों की बड़ी तादाद को लेकर असमंजस में है।

इस बार सभी बोर्ड से 60 हजार से अधिक छात्र प्रोन्नत के जरिए पास किए गए हैं। इसके पहले परीक्षा देकर पास होने वाले छात्रों की संख्या 30 से 40 हजार के आसपास होती थी, जिससे इन्हें अवध विद्यालय से संबद्ध जिले के करीब 130 महाविद्यालयों में स्नातक कक्षाओं में एडमिशन मिल जाता था। डिग्री कालेज में सीटें निर्धारित हैं। शत-प्रतिशत पास छात्रों के अलावा इस बार हजारों की संख्या में ऐसे भी छात्र हैं, जो पिछले साल स्नातक कक्षाओं में प्रवेश नहीं ले सके थे। वह भी इस सत्र में प्रवेश पाने कर प्रतीक्षा में हैं।

मनचाहा कालेज व विषय पाने में कठिनाई

कमला नेहरू भौतिकी विज्ञान संस्थान में बीए, बीएससी, बीकाम की कुल 32 सौ सीटें हैं। गनपत सहाय पीजी कालेज में तकरीबन 15 सौ व राणा प्रताप पीजी कालेज में 12 सौ सीटें हैं। इसके अलावा अन्य महाविद्यालयों में भी विषयवार सीटों की संख्या सीमित है। केएनआइ के प्राचार्य डा. राधेश्याम सिंह ने बताया कि निर्धारित सीटों से ज्यादा एडमिशन नहीं लिया जा सकता है। इस बार मनचाहा कालेज व विषय मिलना काफी मुश्किल होगा। दो फीसद अभ्यर्थी मेडिकल, इंजीनियरिग व अन्य प्रोफेशनल पाठ्यक्रमों के अतिरिक्त प्रयागराज, बीएचयू, लखनऊ विवि आदि में प्रवेश ले लेते हैं, नहीं तो यह दबाव और बढ़ता। व्यक्तिगत व दूरस्थ शिक्षा बनेगा विकल्प

प्रवेश से वंचित छात्रों को स्नातक के लिए प्राइवेट फार्म भरकर अध्यापन कार्य करना मजबूरी रहेगी। दूरस्थ शिक्षा के तहत उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय इलाहाबाद व इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विवि नई दिल्ली उनके लिए स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के लिए विकल्प होंगे।

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