सुलतानपुर : होली पर मिलावटखोरी रोकने को खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से तीन सप्ताह का विशेष अभियान शुरू किया गया है। पहले चरण में सुरक्षित खानपान को लेकर जनजागरूकता फैलाने के साथ व्यवसायियों को गुणवत्तापूर्ण सामग्री बेचने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। दूसरे चरण में सोमवार से जिला प्रशासन के सहयोग से पूर्व में चिन्हित किए गए मिलावटी दूध, खोया व पनीर बेचने वालों पर कार्रवाई होगी।

गत 27 फरवरी को शासन ने खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग को 01 से 19 मार्च तक जनजागरूकता एवं प्रवर्तन अभियान चलाने का निर्देश दिया था। जिसके अनुपालन के क्रम में महकमे के अधिकारी मिलावटखोरी का काला कारोबार करने वालों के बारे में जानकारी जुटा रहे हैं। जिसके आधार पर अगले हफ्ते से औचक निरीक्षण और छापेमारी की जाएगी। जिला अभिहित अधिकारी राजीव मिश्रा ने बताया कि तीन-तीन खाद्य विश्लेषकों की टीम बनाई गई है। फिलहाल ग्रामीण इलाके की बाजारों को टारगेट किया जाएगा। सोमवार को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में बैठक होगी, जिसमें प्रवर्तन की रणनीति तय की जाएगी। प्रशासनिक अधिकारियों के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों का दल संदिग्ध दुकानों पर छापा मारेगा। बीते वर्षों में जिन जगहों पर असुरक्षित खाद्य सामग्री पकड़ी गई थी, वहां प्राथमिकता पर कार्रवाई की जाएगी। अपर मुख्य सचिव डॉ. अनीता भटनागर ने संकलित सैंपल का विश्लेषण चार दिन में करने का निर्देश प्रयोगशाला प्रभारियों को दिया है। ताकि मिलावटी सामान बेचने वालों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की जा सके।

इन छह खाद्य उत्पादों पर फोकस :

मुहिम के दौरान यूं तो सभी तरह की खाद्य सामग्री की गुणवत्ता परखी जाएगी, मगर छह प्रकार के खाद्य पदार्थों पर खास फोकस होगा। जिनका प्रयोग होली पर अधिक होता है। खोया, खाद्य तेल एवं वनस्पति, घी, बेसन, मैदा व कचरी अथवा पापड़ चिप्स इसमें शामिल हैं।

Posted By: Jagran

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