संवादसूत्र, सुलतानपुर : जिले में साधनहीनों के लिए बनाया जा रहा आश्रय स्थल बीते दो वर्षाें से पूरा नहीं किया जा सका है। 50 शैय्याओं वाले पयागीपुर में निर्माणाधीन यह आश्रय स्थल डूडा की ओर से बनाया जा रहा है। अन्य आश्रय स्थलों की भी स्थिति दयनीय है। शहरी बेघरों के लिए स्थानीय ट्रांसपोर्टनगर में 49.27 लाख की लागत से 2016 में आश्रय गृह का निर्माण शुरू हुआ, जो अब तक पूरा नहीं हो सका है।

समाज कल्याण विभाग और प्रोबेशन विभाग की ओर से चलाए जाने वाले आश्रय स्थलों की स्थिति पहले से ही दयनीय है। ऐसे में डूडा की ओर से बनाए जा रहे इस तीन मंजिला आश्रय स्थलों से साधनहीनों और वृद्धजनों को बेहद अपेक्षा है। निर्माण के बाद इस आश्रय गृह का स्थानांतरण नगर पालिका परिषद को कर दिया जाएगा और इसका संचालन स्वयंसेवी संगठन करेंगे। आश्रय गृह में रहने वालों की सुविधाओं उनके खानपान के लिए डूडा की प्रांतीय इकाई सूडा ने एक स्वयंसेवी संगठन को इसका दायित्व दे दिया है। इस बाबत डूडा के परियोजना निदेशक विमल मिश्रा कहते हैं कि निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। उम्मीद की जाती है कि मार्च के अंत तक यह भवन बनकर तैयार हो जाएगा।

Posted By: Jagran

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