सुलतानपुर : जिले की इकलौती चीनी मिल बंद होने के चलते गन्ने की खरीदारी नहीं हो पा रही है। खेत में फसल खड़ी है और किसान गेंहूं की बोवाई करने से भी वंचित हो रहे हैं। गन्ने की खरीद न होने से बैंक से केसीसी के रूप में लिया गया कर्ज भी जमा करना अब दूभर हो रहा है। इससे उनकी मुश्किलें बढ़ गई हैं।

किसान संजय वर्मा निवासी नेवादा का कहना है की दिसंबर के अंत तक गेहूं की बोवाई की जाती है, लेकिन अभी तक गन्ने का खेत ही नहीं खाली हुआ है। किसान इन्द्रपति वर्मा निवासी टोलवा कहते हैं कि पेड़ी गन्ना के सहारे गेहूं की फसल से आय दोगुनी हो जाती है, लेकिन इस बार गन्ने खरीदारी ही एक संकट बन गया है। किसान अर¨वद वर्मा निवासी सहादतपुर कहते हैं कि अगर सरकार चीनी मील के कर्मचारियों का समय से वेतन दे दिया होता तो चीनी मील नवंबर में शुरू हो जाती।

जगदंबा वर्मा निवासी नेवादा कहते हैं कि हमने तीन बीघे में गन्ना बोया था। मजबूर होकर बिचौलियों के हाथों 325 रुपये के बजाए 140 रुपये में गन्ना बिक्री करने को विवश होना पड़ रहा है।

Posted By: Jagran