सुलतानपुर: अनी बुलियन संचालक अजीत गुप्ता की लखनऊ में गिरफ्तारी की सूचना मिलते ही निवेशकों में अब डूबे रुपये के मिलने की उम्मीद जग गई है। पुलिस की तरफ से अजीत गुप्ता को रिमांड पर लेने की तैयारी की जा रही है।

अनी बुलियन नामक संस्था 40 फीसद ब्याज देने का झांसा देकर निवेशकों से भारी भरकम रकम जमा कराया गया था। वर्ष 2010 में अनी बुलियन टेडर्स के नाम से मार्केट खूब चली। जिसके बाद 2016 में नाम बदलकर अनी एग्रो प्यूटेशन के नाम से मार्केट कर दिया गया। इसी साल अनी ज्वैलर्स व फरवरी 2018 में क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी क्रेडिट नाम पर लोगों के धन का निवेश कराया। कारोबार को पंख देने के लिए अगस्त 2019 में कंपनी ने हीरा कारोबार भी शुरू किया, लेकिन नवंबर तक ही चल सका। कुछ दिन तक ग्राहकों को ब्याज की रकम दी गई, लेकिन बाद में कंपनी की तरफ से निवेशकों का धन वापस करना बंद कर दिया गया। जमाकर्ता को अभिकर्ता बनाकर दूसरे से भी निवेश कराने के लिए दबाव बनाया जाता था। कई निवेशकों ने बल्दीराय थाने पहुंचकर अजीत गुप्ता की गिरफ्तारी के बारे में जानकारी हासिल की। थाना प्रभारी अखिलेश सिंह ने बताया कि मामले की जांच पड़ताल की जा रही है।

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