सुलतानपुर : स्थानीय कोतवाली क्षेत्र के मझुई गांव में पीआरडी जवान की निर्मम हत्या कर दी गई। हत्यारों ने सड़क किनारे लगे भूसी के ढ़ेर में शव को छिपा दिया। वारदात से गांव में सनसनी फैल गई।

समीप के चौकिया गांव निवासी विनोद ¨सह उर्फ गुड्डन (45) प्रांतीय रक्षक दल में जवान थे। शुक्रवार की देररात गुड्डन घर से निकला, लेकिन वापस नहीं लौटा। शनिवार की सुबह ग्रामीणों ने मझुई (लाल का पूरा) गांव में सड़क किनारे लगे धान की भूसी के ढ़ेर में से निकला पैर देखा। इसकी सूचना 100 डायल पर दी गई। शव को भूसी से निकाला गया तो उसकी शिनाख्त गुड्डन के रूप में हुई। घर से करीब एक किलोमीटर की दूरी पर शव मिलने की खबर जब ग्रामीणों को हुई तो वे भारी संख्या में डिहवा (मझुई) पहुंच गए। 100 डायल प्रभारी निरीक्षक आशुतोष मिश्र कादीपुर डीपी शुक्ल मौके पर पहुंच गए। आक्रोशित ग्रामीण शराब ठेके के सेल्समैन और कुछ संदिग्ध लोगों को मौके पर लाने की मांग करते हुए शव नहीं ले जाने पर अड़ गए। इसकी सूचना मिलने के बाद एसपी अनुराग वत्स पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों और मातहत कर्मियों से मामले की जानकारी हासिल की। इसके बाद फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से नमूने इकट्ठा किए। मृत जवान के सिर पर चोट के निशान मिले। ग्रामीणों ने सिर पर गोली मारे जाने की आशंका जताई। एसपी सिटी डॉ.मीनाक्षी कात्यायन ने ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा। प्रभारी निरीक्षक आशुतोष मिश्र ने बताया कि मृत जवान के भतीजे विशाल ¨सह की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज करके तफ्तीश शुरू कर दी गई है।

अक्सर साथियों के साथ दिखता था गुड्डन

मझुई गांव के समीप खुले शराब ठेके के समीप अक्सर गुड्डन शाम को दिखता था। खुद एसएचओ ने भी मौके पर पहुंचे एसपी को यह बात बताई थी कि वह शराब का आदी था। हालांकि, ग्रामीणों ने इसका विरोध किया।

अनाथ हो गए तीन बच्चे

उनका 10 वर्षीय बेटा तुषार, दो बेटियां प्रिया (14) व रिया (12) अनाथ हो गए। पत्नी व बच्चों को रोकर बुरा हाल है।

Posted By: Jagran