संवादसूत्र, सुलतानपुर : जम्मू कश्मीर के कठुआ व प्रदेश के उन्नाव जिले में दुष्कर्म व हत्या की जघन्य वारदातों पर सोमवार को वामपंथियों समेत विभिन्न संगठनों के लोग सड़क पर उतरे। केंद्र व प्रदेश सरकार पर इन शर्मनाक वारदातों को लेकर निष्क्रियता और लचर रवैया अपनाने का आरोप मढ़ा। कलेक्ट्रेट के सामने तिकोनिया पार्क में धरना दिया और फिर प्रशासन के प्रतिनिधि को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की।

कलेक्ट्रेट के सामने तिकोनिया पार्क में जम्मू कश्मीर के कठुआ व उन्नाव समेत सासाराम, अमेठी आदि स्थानों पर महिलाओं एवं बालिकाओं के साथ दुष्कर्म व ¨हसा की घटनाओं पर विभिन्न दलों और संगठनों के लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। जनवादी महिला समिति, एसएफआइ, खेत मजदूर यूनियन व अखिल भारतीय किसान सभा आदि के कार्यकर्ताओं ने धरना दिया। इसकी अध्यक्षता की स्वामीनाथ यादव ने। जनवादी महिला समिति की जिला सचिव राजवती ने कहाकि निर्भया कांड अभी भूला नहीं है, ऐसे में कठुआ की वारदात ने देश को फिर शर्मशार करके रख दिया है। नौजवान सभा के शशांक पांडेय व एसएफआइ के अखंड प्रताप ने कहाकि देश में भय का माहौल है। इसने केंद्र व प्रदेश सरकार की महिला विरोधी चरित्र को उजागर किया है। बाबूलाल यादव, विवेक विक्रम, ओमप्रकाश, राजदुलारी, सुभाष आदि मौजूद रहे। वहीं भारतीय विद्यार्थी मोर्चा और राष्ट्रीय मुस्लिम मोर्चा ने भी कठुआ की वारदात को लेकर शहर के मुख्य मार्गों पर प्रदर्शन किया। कलेक्ट्रेट पहुंचकर तिकोनिया पार्क में सभा की। फिर राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। जिसमें कहा गया है कि सरकार ने दोषियों को यदि सजा-ए-मौत नहीं दी तो 550 जिलों में जनांदोलन होगा। मोर्चा जिलाध्यक्ष भीम विक्रम नागवंशी, मुस्लिम मोर्चा के रफी उल्ला, भारत मुक्ति मोर्चा के महेश बौद्ध, बीएमपी जिलाध्यक्ष मुईद अहमद, आलोक भास्कर, सचिन चौधरी आदि ने संबोधित किया। इस मौके पर बौद्ध कुमारी, भीमवती, सलोनी, प्रतिभा, नीरज, जितेंद्र भीम आदि दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद रहे।

By Jagran