सुलतानपुर, जागरण संवाददाता। बुधवार की रात पुलिस से हुई मुठभेड़ में तीन बदमाश गिरफ्तार कर लिए गए। इनमें से दो गोली लगने से घायल हो गए हैं, उन्हे जिला अस्पताल लाया गया है।  बल्दीराय क्षेत्र में बदमाशों के आने की सूचना पर पुलिस टीम ने घेराबंदी की। पकड़े जाने के डर से उन्होंने फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस द्वारा की गई जवाबी फायरिंग में दो बदमाशों अयोध्या के राम नयन व लम्भुआ के अनूप सिंह पैर में गोली लगने के कारण गिर पड़े। इनको व एक अन्य अमेठी निवासी विकास को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया।

पुलिस अधीक्षक सोमेन बर्मा ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि घायल बदमाशों को जिला अस्पताल लाया गया है। राम नयन हिमाचल में आठ लाख की लूट में सजायाफ्ता है, उसके विरुद्ध अयोध्या व अन्य जिलों में करीब छह मुकदमे दर्ज हैं। वहीं, अनूप के खिलाफ लूट व जानलेवा हमला समेत अन्य मुकदमे हैं। कारवाई करने वाली पुलिस टीम में स्वाट प्रभारी उपेन्द्र सिंह और बल्दीराय थानाध्यक्ष अमरेन्द्र बहादुर सिंह टीम के साथ शामिल रहे।

सेवानिवृत्तकर्मी से की थी 50 हजार की लूट

गिरफ्तार किए गए बदमाशों ने बीते 11 नवंबर को बैंक से रुपये निकालकर घर जा रहे सेवा निवृत्त कर्मचारी से 50 हजार रुपये लूट लिए थे। तीन तमंचा , बाइक और 18,000 रुपये बरामद हुए हैं। बल्दीराय के डीह मोड़ पर मुठभेड़ में पुलिस को कामयाबी मिली। एसपी ने बताया कि आरोपितों से पूछताछ कर अन्य जानकारी ली जाएगी।

हमला करने वाले चाचा-भतीजे को पांच साल की कैद

दोस्तपुर के पीथीपुर गांव में 14 साल पूर्व लाठी-डंडे से हमला कर मां - बेटे को घायल करने वाले चाचा-भतीजे को एडीजे ने पांच साल की सजा सुनाई। सहायक शासकीय अधिवक्ता विजय शंकर शुक्ल ने बताया कि संपत्ति विवाद में 10 दिसंबर 2008 को प्रेमनाथ वर्मा के भाई रामसूरत और मां चंद्रावती पर दशरथदीन (अब मृतक), इसके पुत्र लक्ष्मीकांत व भाई मुरली ने हमला कर दिया था। दोनों अभियुक्तों को जज राजेश नारायण मणि त्रिपाठी ने सजा सुनाई।

Edited By: Anurag Gupta

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