सुलतानपुर : सुलतानपुर-लखनऊ रेलखंड पर बनी एक दर्जन से अधिक रेलवे क्रासिंग को बंद किए जाने में अड़चने रही हैं। इनके नीचे अंडरपास बनाए जाने पर ही इन्हें बंद किया जाना है।

अंडर पास बनाने के लिए रेलवे को राजस्व विभाग से अपेक्षित सहयोग नहीं मिल पा रहा है। इससे क्रासिग बंद होने की योजना लंबित है। इन क्रासिग के बंद होने से लोगों का अधिक दूरी तय करनी पड़ती। बावजूद इसके रेलवे ने इन्हें बंद करने का निर्णय लिया। अब जन प्रतिनिधियों के दबाव के चलते बंद की जाने वाली सभी क्रासिग पर अंडरपास बनाए जाने के बाद इन्हे बंद किया जाएगा।

लोगों और वाहनों को दुर्घटना से बचाने और ट्रेनों की गति बढ़ाने के लिए रेल प्रशासन ने क्रासिंग व समपारों को दीवार खड़ी कर इन्हें बंद करने का निर्णय लिया। सुलतानपुर से उतरेटिया जंक्शन तक के रेलखंड पर पड़ने वाली 90 क्रासिंग बंद करने के लिए रेलवे, राज्य व स्थानीय प्रशासन ने सर्वे पूरा कर लिया। अब जिले की बंद की जाने वाली क्रॉसिग पर अंडरपास बनाए जाने की प्रक्रिया शुरू की गई है।

क्रासिंग जिन्हें किया जाएगा बंद : जिले की सीमा में स्थानीय जंक्शन के दक्षिणी यार्ड के समपार 34 को बंद किया जाएगा। इसके साथ बंधुआकला क्षेत्र की क्रासिंग 78 सी दादूपुर, क्रासिंग नंबर 81 हसनपुर, गेट संख्या 89 सी रवनिया पूरब, 94 बी मनियारी तथा 96 सी पूरे घुप्पा पांडेय व गेट नंबर 97 खड़सा पलहीपुर में पुलिस ट्रेनिग एकेडमी के निकट और लोधेपुर के गेट 82 सी, ब्रह्मजीतपुर, इस्लामगंज, असरोगा, सुरजीपुर, गेट 90 सी रवनिया, चिता का पुरवा, रामपूरे निशान आदि क्रॉसिग को भी बंद करने का निर्णय लिया गया है मगर दो माह के भीतर इन क्रॉसिग के नीचे से आवगमन के लिए अंडरपास बनाए जाएंगे।

सालाना होता है 15 से 20 लाख व्यय : रेलवे की इन क्रासिंग के रखरखाव और इनपर गेटमैन की तैनाती पर रेलवे सालाना 15 से 20 लाख रुपये व्यय करता है। इनके बंद होने से विभाग का यह खर्चा बच सकेगा। इन पर तैनात कर्मियों से विभाग अन्य काम लेगा।

वर्जन

- ट्रैक पर ट्रेनों की गति बढ़ाने के लिए इसे अपग्रेड किया जा रहा है। यात्रा सुरक्षित हो और दुर्घटनाओं की संभावना खत्म हो इसके लिए समपार व क्रासिग बंद किए जाने का उच्चस्तरी निर्णय लिया गया है।

- मंगल यादव, सहायक मंडल अभियंता