सुलतानपुर: सुरक्षित यातायात को लेकर शासन गंभीर हो गया है। पर यहां यात्रियों की जान जोखिम में डालकर परिवहन निगम खटारा बसों से यात्रियों को ढो रहा है। विभाग के बेड़े में शामिल 105 में 25 बसें कंडम घोषित हो चुकी है। कई अन्य बसें भी निर्धारित औसतन 15 हजार किमी का सफर पूरा करने वाली है।

सुलतानपुर डिपो में 105 बस हैं। इनमें 77 निगम की और 28 अयोध्या से अनुबंधित की गई हैं। विभाग की ओर से 14 से 15 हजार किमी चलने के बाद संबंधित बस को कंडम घोषित कर दिया जाता है। उसकी नीलामी कर दी जाती है। इस श्रेणी में विभाग की 25 बसें पहुंच गई हैं। इन कंडम बसों की नीलामी की जानी है।

30 नई बसों की मांग

शासन से 30 नई बसों की डिमांड की गई है। जब तक नई बसें नहीं आ जाती है, तब तक कंडम बसों से ही सफर कराया जा रहा है। इनमें ज्यादातर के शीशे टूटे हैं तो इंजन भी दगा दे रहे हैं। इन्हें दूर के रूटों पर नहीं भेजा जा रहा। फिर भी यात्रियों को लेकर दौड़ रहीं ये बसें असुरक्षित हैं और कभी भी हादसे का सबब बन सकती हैं।

45 परिचालकों की कमी

रोडवेज में 45 परिचालकों की कमी है। 20 बस चालक भी निर्धारित संख्या से कम है। डिपो में वर्तमान में 63 नियमित तो 129 संविदा ड्राइवर कार्यरत है। 60 नियमित परिचालक तो 96 संविदा वाले कार्य कर रहे हैं। चालक व परिचालक की कमी से विभाग परेशान है। कई बार बसें खड़ी करनी पड़ जाती है।

- चालक व परिचालक की कमी को संविदा भर्ती कर पूरी की जा रही है। प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही परिचालकों की भर्ती हो जाएगी। 30 नई बसें आनी हैं। इसके बाद कंडम बसों की नीलामी कराते हुए निस्तारण कराया जाएगा।

-एसएन पांडेय, सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक

365 स्कूली वाहनों का रद किया जाएगा पंजीयन

सुलतानपुर: बिना मानक सड़कों में फर्राटा भर रहे स्कूली वाहनों को विभाग ने आखिरी मौका दिया है। 25 मई तक फिटनेस न कराने पर 365 वाहनों का पंजीयन निरस्त किया जाएगा। जून के पहले सप्ताह में पंजीयन निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी।

जिले में 1,045 वाहन ऐसे हैं जो स्कूलों में बच्चों को लाने ले जाने का काम करते हैं। इनमें बस, मिनी बस और वैन शामिल हैं। विभाग की ओर से इन वाहनों का भौतिक सत्यापन कराया गया। इनमें 680 वाहनों के फिटनेस व अन्य अभिलेख दुरुस्त हो गए हैं।

वहीं, 365 स्कूल वाहन बिना फिटनेस सड़कों पर दौड़ रहे हैं। इन वाहनों के संचालकों को कई बार चेताया गया, लेकिन ध्यान नहीं दिया जा रहा है। अब ऐसे लोगों को विभाग चिन्हित कर रहा है। वहीं, कई स्कूल संचालकों ने सख्ती की वजह से विद्यालयों से संबद्ध वाहनों को हटा लिया है।

एआरटीओ नंद कुमार ने बताया कि अनफिट 365 वाहन स्वामियों को 25 मई तक का समय दिया गया। इसके बाद वाहनों का पंजीयन निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी।

Edited By: Jagran