सुलतानपुर : एक जनपद एक उत्पाद को बढ़ावा देने को लेकर गुरुवार को राहिलपारा गांव में मूंज से निर्मित उत्पादों को बेहतर ढंग से बनाने के लिए 10 दिवसीय तकनीकी प्रशिक्षण सत्र का शुभारंभ किया गया। दस दिनों तक चलने वाले इस प्रशिक्षण से तराई क्षेत्रों के चयनित लाभार्थी मूंज से निर्मित छोटे, सुन्दर व आकर्षक डिजाइन बनाने के लिए प्रशिक्षित किए जाएंगें।

गुरुवार को एक जिला एक उत्पाद कार्यक्रम के अंतर्गत जयसिंहपुर तहसील क्षेत्र के राहिलपारा गांव में तकनीकी प्रशिक्षण सत्र का शुभारंभ जिला उद्यमता प्रोत्साहन अधिकारी सुवीर सरकार ने किया। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा के अनुरूप विशेष प्रशिक्षण शिविर लगाया गया है। जिससे ग्रामीण क्षेत्र के लोगों की आर्थिक स्थिति में सुधार हो सके। प्रशिक्षण से नदी किनारे होने वाले मूंज व सरपत घास के प्रयोग से महिलाएं रस्सी, फुटमैट, मैट, चारपाई, टेबल, चेयर, मचिया, कैरी बैग, मऊनी, सिकौला, लार्ज मैट, बुक सेल्फ, सूज स्टैंड, सूप, बेना, पंखा, खिलौना समेत अन्य सामानों को आकर्षक ढंग से बनाने का गुण सीख सकेंगी। संयोजक राजेश सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन की ट्रेनर नंदनी त्यागी प्रशिक्षण के दौरान उत्पाद की गुणवत्ता, रख-रखाव एवं विपणन के तौर तरीकों के बारे में चयनित 25 लाभार्थियों को शिविर में प्रशिक्षित करेंगी। इस मौके पर लघु एवं सूक्ष्म मंत्रालय जिला संयोजन संतोष दूबे, संस्कृत प्रकोष्ठ अध्यक्ष राम प्रकाश शर्मा आदि मौजूद रहे।

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