सुलतानपुर: कोविड गाइड लाइन के तहत इस बार विधानसभा चुनाव में पहले की अपेक्षाकृत अधिक बूथ बनाए जाएंगे। वहीं वोट देने के लिए बूथ पर आने वाले मतदाताओं की संख्या में भी दस फीसद की कमी कर दी गई है। किए गए सर्वे के आधार पर इस बार कुल 2244 बूथों को बनाए जाने का प्रस्ताव निर्वाचन आयोग को भेज दिया गया है।

वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव को सकुशल संपन्न कराने के लिए जिले के सभी 14 ब्लाकों में 2190 बूथ बनाए गए थे। इस बार कोविड गाइड लाइन के तहत होने वाले मतदान के दौरान संक्रमण से बचने के लिए शारीरिक दूरी का भी ख्याल रखा जाना है। पिछली बार प्रति बूथ वोटर संख्या 1500 रखी गई थी। इस बार 1200 वोटरों के लिए एक बूथ बनाया जाना है। निर्वाचन आयोग की तरफ से बूथवार दस फीसद मतदाताओं की घटोत्तरी को मानक मान सर्वे शुरू किया गया। इसमें बाद पाया किया गया दस फीसद मतदाताओं की संख्या में कटौती करने से 154 नए बूथ बनाए की जरूरत होगी। सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी हर्षदेव पांडेय ने बताया कि ब्लॉकवार सर्वे की रिपोर्ट निर्वाचन आयोग को भेज दी गई।

------ मानी गई मांगे, शव का हुआ अंतिम संस्कार

सुलतानपुर) : मिठनेपुर गांव निवासी पुनवासी निषाद की मौत का मामला गहराता जा रहा है। मंगलवार को गोमती नदी में शव मिलने के बाद परिवारजन ने अपहरण कर हत्या का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया था। प्रशासन ने मृतक की मां की मांगों को मान लिया। इसके बाद गुरुवार को उसका अंतिम संस्कार किया गया।

पुनवासी संदिग्ध परिस्थितियों में रविवार को गायब हो गया। सोमवार को गायब युवक की मां गंगा देई ने थाने में तहरीर देकर गांव निवासी पंकज सिंह पर हत्या की आशंका जताई। इस पर पुलिस ने आरोपित युवक को पूछताछ के लिए बुलाया। पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज करते हुए छानबीन शुरू की। मंगलवार को गोमती नदी के नीरसहिया घाट पर युवक का शव उतराता मिला था। गुरुवार को भी लगातार प्रदर्शन को देखते हुए एसडीएम रामजी लाल और सीओ व निषाद नेता राम पियारे निषाद ने गांव पहुंचकर पिता सहित भीड़ को बहुत समझाने का प्रयास किया लेकिन बात नहीं बनी। थक हारकर एसडीएम प्रदर्शनकारियों की मांगें मानी। थानाध्यक्ष रवि कुमार सिंह ने बताया कि पूर्व में मृतक की मां द्वारा दर्ज कराए गए अपहरण के मुकदमे को हत्या की धारा में परिवर्तित किया जा रहा है।

Edited By: Jagran