सुलतानपुर : विकास भवन के सभागार में गुरुवार को सांसद मेनका गांधी ने जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक की अध्यक्षता करते हुए अधिकारियों की जमकर क्लास लगाई। सांसद ने सरकारी चिकित्सकों की निजी प्रैक्टिस पर रोक लगाने के निर्देश सीएमओ को दिए हैं। उन्होंने कहा है कि ऐसी शिकायतें मिल रही हैं कि जिला अस्पताल से लेकर ग्रामीणांचल के स्वास्थ्य केंद्रों में तैनात चिकित्सक प्राइवेट नर्सिंगहोम में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। मेनका गांधी ने सीएमओ को अयोध्या-प्रयागराज हाईवे पर संचालित एक अस्पताल का नाम लेते हुए जांच कराने का निर्देश दिया।

सांसद ने केंद्र संचालित 34 योजनाओं की समीक्षा के दौरान कई विभागों के अफसरों के कार्यों पर असंतोष जाहिर किया। उन्होंने मुद्रा लोन की स्थिति को लेकर चिता जताई। बैंकर्स के विरुद्ध कार्रवाई के लिए निर्देशित किया। किसान सम्मान निधि को पीएम मोदी की महत्वपूर्ण योजना बताते हुए उन्होंने डीडी कृषि से जानकारी की। उन्होंने एक सप्ताह के भीतर 98 हजार अवशेष किसानों के खाते में धनराशि भेज की बात कही। सिचाई महकमे के अधिकारियों की सिल्ट सफाई को लेकर खिंचाई हुई। कुड़वार ब्लॉक के ऊंचगांव में जलभराव की स्थिति पर संबंधित अभियंता को फटकार लगाई। 571 नलकूपों में से 103 निष्क्रिय बताए जाने पर सांसद ने संबंधित अधिशासी अभियंता को उसे ठीक कराने का निर्देश दिया। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के निर्माण में 98 सड़कें खराब हो जाने पर संबंधित कार्यदायी संस्था के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश देते हुए उन मार्गों की मरम्मत कराने को कहा। नियम के विपरीत संचालित भट्ठों के खिलाफ जांच, निषाद मंडी का स्थान बदलने और नगर पालिका के ईओ को शहर की सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने का निर्देश दिया। सांसद ने माफियाओं को सड़क सहित अन्य निर्माण कार्यों का टेंडर न दिए जाने के लिए अफसरों को निर्देशित किया। 143 ग्राम सभाओं में सरकारी धन के दुरुपयोग के मामले जांच कराकर कार्रवाई की बात कही। बैठक में जिलाधिकारी सी इंदूमती, सीडीओ रमेश प्रताप मिश्र नहीं मौजूद रहे। एडीएम प्रशासन हर्षदेव पांडेय के साथ संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

Posted By: Jagran

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस