सुलतानपुर : ईष्र्या खत्म कर प्रेम से यदि मुकदमा लड़ा जाएगा तो आगे मुकदमे लड़ने की जरूरत नहीं पड़ेगी। यह बात लोक अदालत में शनिवार को जिलाजज उमेश चंद्र शर्मा ने कही। इस दौरान 9562 वादों का निस्तारण किया गया, साथ ही एक करोड़ 41 लाख रुपये की वसूली की गई।

जिलाजज ने कहाकि अधिकारियों को गरीबों का कृपापात्र बनना चाहिए। लोक अदालत में कम से कम जुर्माना करना चाहिए। मुकदमे में समय से सारी कार्यवाही कर ली जाए। मुकदमा शीघ्र निस्तारित हो जाएगा। मुकदमे का बोझ कम होगा। लोक अदालत नहीं लगानी पड़ेगी। न्यायिक अधिकारी उत्कर्ष चतुर्वेदी ने उपस्थिति लोगों से कहाकि वादकारी को न्यायाधीश से बातचीत कराकर अधिक से अधिक वादों का निस्तारण कराएं। सचिव पूनम ¨सह ने कहाकि छोटे मुकदमे के लिए लोक अदालत एक वरदान साबित हो रही है। लोक अदालत में सुलह-समझौते से कई दंपती की विदाई पारिवारिक न्यायाधीश ने कराई। इस अवसर पर न्यायाधीश रामपाल ¨सह, पूर्व जिलाजज आरपी शुक्ला, अध्यक्ष अधिवक्ता संघ संदीप ¨सह, सचिव ज्ञान प्रकाश तिवारी आदि मौजूद रहे।

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