सुलतानपुर: कोतवाली नगर के पयागीपुर से 30 मई को गायब आइटीआइ छात्र शैलेष का एक्सीडेंट नहीं, बल्कि उसकी हत्या की गई थी। जांच में इसका खुलासा होते ही पुलिस की एक टीम प्रतापगढ़ रवाना हो गई है। वहीं शुक्रवार को मृत छात्र के हॉस्टल की भी छानबीन की गई। साथ पढ़ने वाले आधा दर्जन छात्रों से भी पुलिस ने पूछताछ की।

शैलेष का शव 31 जून को प्रतापगढ़ के पट्टी थानाक्षेत्र में एक खेत से बरामद हुआ था। जहां अज्ञात बताकर शव का चार जून को अंतिम संस्कार भी करा दिया गया। पुलिस इसे सड़क दुर्घटना बता रही थी। चांदा थानाक्षेत्र के फुनगार अमरूपुर निवासी शैलेष के पिता शिव शंकर तिवारी सीआरपीएफ में तैनात हैं। वह पयागीपुर स्थित राजकीय आइटीआइ में इलेक्ट्रीशियन द्वितीय वर्ष का छात्र था। मां अनुपमा ने बताया कि 30 मई को वह हॉस्टल से अचानक गायब हो गया। चांदा थाने में शिकायत दर्ज कराई गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। अनुपमा ने पुलिस अधीक्षक हिमांशु कुमार व एएसपी ग्रामीण शिवराज से भी मुलाकात की। जिनके हस्तक्षेप के बाद 19 जून को कोतवाली नगर में मुकदमा पंजीकृत किया गया। तहरीर में अनुपमा ने हिमांशु के साथ रहने वाले युवकों पर गायब किए जाने की साजिश रचने का आरोप भी लगाया था।

Posted By: Jagran

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