सुलतानपुर: मेरे पास तो पैसा ही नहीं था। महज 18 हजार रुपये में विधायक का चुनाव लड़ा। तब सिद्धांत व विचारधारा की राजनीति होती थी। राजनीति में शुचिता व ईमानदारी का बोलबाला था। आज की तरह दल बदल या पाला बदल की राजनीति नहीं थी। तब मेरे घर दिग्गज नेता व पूर्व मुख्यमंत्री श्रीपति मिश्र आए और उन्होंने चुनाव लड़ने का सुझाव दिया। मैं पार्टी का निष्ठावान कार्यकर्ता था। उनके कहने पर चुनाव लड़ा। ईमानदारी व सिद्धांतों की राजनीति की वजह से 1984 में कांग्रेस से कादीपुर सीट से विधायक बना। यह कहना है ब्लाक के तवक्कलपुर नगरा निवासी पूर्व विधायक रामआसरे का।

पूर्व विधायक कहते हैं कि पहले और आज के चुनाव में काफी अंतर है। अब चुनाव धनबल, बाहुबल व पैसे लड़ा जाता है। प्रत्याशियों के साथ लग्जरी वाहनों का काफिला चलता है। पहले विधायक निधि नहीं हुआ करती थी, लोग केवल जनसेवा के लिए राजनीति करते थे। गांवों में मुद्दे हावी हुआ करते थे। किसी-किसी के पास चार पहिया वाहन होता था। पैदल प्रत्याशी समर्थकों के साथ घूम-घूमकर प्रचार करते थे। जहां रात होती थी, किसी न किसी कार्यकर्ता के घर रात गुजार अगले दिन फिर चुनाव प्रचार के लिए निकल पड़ते थे।

रामआसरे बताते हैं कि एक गाड़ी थी, जिसे चुनाव प्रचार के लिए मांगी थी। जहां जाते थे चौराहे पर ही वाहन खड़ा कर समर्थकों के साथ पैदल गांवों में प्रचार करते थे। अब सब कुछ बदल गया है। नेताओं में वह बात नहीं रही..।

चुनाव के मद्देनजर अब तक 242 पाबंद

सुलतानपुर: विधानसभा चुनाव को शांतिपूर्ण ढंग से निपटाने के लिए पुलिस सख्ती दिखा रही है। वह जहां, भ्रमण कर लोगों को बिना भय मतदान के लिए प्रेरित कर रही है, वहीं अराजक तत्वों पर उसकी पैनी नजर है। चुनाव में व्यवधान उत्पन्न करने, मतदाताओं को डराने, धमकाकर भय का माहौल बनाने वालों को पुलिस चिन्हित कर कार्रवाई कर रही है।

अब तक क्षेत्र से 242 लोगों को पाबंद किया जा चुका है। थानाध्यक्ष अमरेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि हर गांव से उपद्रवियों को चिन्हित कर कार्रवाई की जा रही है। संवेदनशील स्थलों पर भी नजर है।

खालिसपुर से 21, सड़सी 12, शुकुलपुर 15, अमरेमऊ 17, अमिलिया 11, चतुर्भुजपुर 18, देवराजपुर 20, भटौता तुलसी पट्टी 13, गजेंद्रपुर 10, मेवपुर 23, शोधनपुर 11, गुदरा 25, उमरपुर 24, बूढ़ापुर 15, बांगर खुर्द से सात लोगों को पाबंद किया गया है।

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