सुलतानपुर, संवादसूत्र। शिक्षा विभाग के सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी पर डीएलएड परीक्षा में अच्छे नंबर दिलाने के नाम पर रुपये लेने का आरोप है। यह मामला अभी गर्म है, इस बीच क्वालिटी कोआर्डिनेटर पद के इंटरव्यू में अभ्यर्थियों से घूस लेने की पुष्टि भी हो गई। सीडीओ के आदेश पर इस मामले में एफआइआर बुधवार की देरशाम दर्ज कर ली गई।

बेसिक शिक्षा विभाग में क्वालिटी कंट्रोलर पद के लिए 16 नवंबर को इंटरव्यू लिया गया था। विकास भवन में आयोजित साक्षात्कार में मुख्य विकास अधिकारी अंकुर कौशिक के साथ बेसिक शिक्षा अधिकारी और दो अन्य अफसर लगाए गए थे। 15 लोगों का चयन किया जाना था। इसमें प्रदेश के कई जिलों के अभ्यर्थी शामिल हुए थे। सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी रामयश यादव को अभिलेखों की जांच के लिए लगाया गया था।

उगाही की शिकायत का सीडीओ ने लिया संज्ञान

उनको जब यह जानकारी हुई कि अमुक अभ्यर्थी मेधावी है और उसका चयन होना है तो उन्होंने उसका फोन नंबर लेकर रुपये मांगने शुरू कर दिए। चयन कराने के नाम पर धन उगाही की शिकायत का सीडीओ ने संज्ञान लिया। मामले की जांच उन्होंने जिला विकास अधिकारी को सौंप दी। इसमें 70 हजार रुपये घूस लिए जाने की पुष्टि हुई। बुधवार को मुख्य विकास अधिकारी के आदेश पर एबीएसए धनपतगंज ने नगर कोतवाली में एफआइआर दर्ज कराने के लिए तहरीर दी। कोतवाल राम आशीष उपाध्याय ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।

शिक्षा माफिया से भी साठगांठ

लेखाधिकारी की शिक्षा माफिया से साठगांठ का मामला भी सीडीओ ने उजागर किया है। आरोप है कि डीएलएड परीक्षा में अच्छे नंबर दिलाने के नाम पर परीक्षार्थियों से वसूली की गई। इसमें डायट के बाबुओं की भी मिलीभगत है। प्रकरण से जुड़ा वाट्सएप चैट मंगलवार को प्रसारित होने पर दैनिक जागरण ने खबर प्रमुखता से प्रकाशित की। अभी इस मामले में पीड़ितों को विभागीय कार्रवाई का इंतजार है।

जांच में आरोपों की पुष्टि

सीडीओ ने बताया कि फोन पर रुपये मांगने की शिकायत दो अभ्यर्थियों ने की थी। इस पर डीडीओ को जांच सौंपी गई थी। प्रथम दृष्टया आरोप सत्य मिलने पर एफआइआर दर्ज कराई गई।

Edited By: Anurag Gupta

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