सुलतानपुर : किसानों को अब तमाम अद्यतन जानकारियां उनके निकटतम बीज भंडारों पर ही मिल जाएगी। सभी बीज भंडारों पर कंप्यूटर लगाए जाएंगे। इनके जरिए कृषि, उद्यान, गन्ना, मत्स्य, पशुपालन सहित केवीके व अन्य विभागों की योजनाओं की सूचना किसानों को उपलब्ध रहेगी। बीज भंडारों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा। एकल खिड़की के तहत खेती-किसानी से जुड़ी समस्याओं का निदान किसानों को उनके निकटतम बीज भंडार पर मिल सके, इसके लिए यह व्यवस्था शुरू की जा रही है। इससे किसानों की जिला मुख्यालय आने की विवशता समाप्त होगी।

जिले में कृषि विभाग के अधीन 14 राजकीय बीज भंडार हैं। अर्से से जीर्ण-शीर्ण और उपेक्षित पड़े इन बीज भंडारों की उपयोगिता बढ़ाने के लिए इन्हें सूचना केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। रंग-रोगन व मरम्मत कर भवनों को दुरुस्त किया गया है। अभी तक बीज भंडारों पर सिर्फ बीज वितरण के समय किसानों की आमद होती थी। सूचना और सलाह देने तथा फसलों के रोग ग्रस्त होने पर उपचार व कीट नाशक दवा आदि दिए जाने की व्यवस्था शुरू किए जाने से अब बीज भंडार किसानों के लिए पूरे खेती सत्र में उपयागी रहेंगे। नई व्यवस्था के तहत भंडारों पर उपलब्ध बीजों,कीट नाशकों व अन्य सामग्री की सूचना बोर्ड पर मूल्य सहित अंकित की जाएगी। प्रायोगिक तौर पर दूबेपुर व कादीपुर बीज भंडारों पर कंप्यूटर व प्रिटर लगाए गए है।

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मॉडल होगा अखंडनगर भंडार

जिले के सीमावर्ती अखंडनगर ब्लाक के बीज भंडार को विभाग मॉडल के रूप में विकसित कर रहा है। जिला मुख्यालय से 80 किमी दूर स्थित इस विकास खंड के किसानों को अधिकतम जानकारियां वहीं मिल सके यह सुनिश्चित किया जा रहा है। करौंदीकला ब्लाक में किराए के भवन में चल रहे बीज भंडार को विभाग खुद के भवन से संचालित करेगा, कृषि निदेशालय से इसकी संस्तुति मिली है। जिला कृषि अधिकारी विनय कुमार वर्मा नें बताया कि भंडारों के लिए आवश्यक कंप्यूटर व प्रिटर शीघ्र प्राप्त हो जाएंगे। अब नई व्यवस्था के तहत बीज भंडारों का संचालन किया जाएगा।

Posted By: Jagran

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