रमाकांत बरनवाल, सुलतानपुर: मकर संक्रांति का पर्व और सूर्यदेवता मेहरबान। सुबह के 11 बज रहे थे। लोग खिचड़ी खाकर किसी न किसी काम से घर से बाहर निकले और रोजाना की तरह कस्बा स्थित एक खाद-बीज की दुकान पर एकत्र हुए। चुनाव का मौसम और चर्चा न छिड़े, ऐसा हो ही नहीं सकता।

दुकानदार ने चाय मंगाई। चाय की चुस्कियों के बीच लोग टिकट को लेकर चर्चा करने लगे। इसी बीच अरविद सिंह भी दुकान पर पहुंच जाते हैं। सबसे नमस्कार करने के बाद बोल पड़ते हैं का हो बृजेश बहनजी अऊर कांग्रेस फिर टिकट देय मा बाजी मार लिहे, भाजपा-सपा केहका आपन प्रत्याशी बनावत बाय। चाय पीते ही बृजेश बोल पड़ते हैं कि हर बारै तो ई दूनव पार्टी आपन प्रत्याशी आखिर समय पै घोषित करत है। ई जरूर बा, अपकी कय चुनाव बहुत कांटे का रही। बीच में टोकते हुए राजेश उपाध्याय व राकेश कुमार बोले पड़ते हैं कि हां ठीक कहत अहा..। अबकी बार तव कुछ समझ मा नाय आवत बा। अज्जू भी चाय की चुस्की लेते हुए कहते हैं कि यहि बार तव प्रत्याशी के ऊपर ही चुनाव निर्भर करी।

संजय सिंह व राकेश सिंह कहते हैं कि सबै सही कहत अहा, यहि बार कय चुनाव जाति, धरम पय नाय, प्रत्याशी केहि ऊपर होई। अब भाजपा व सपा आपन उम्मीदबार बतावैं तव हम सबै तय करी कि केहका जितावै का बाय। इतना जरूर बा कि ईमानदार प्रत्याशी, जे पढ़ा-लिखा होए, वही सही रही।

मतदाता जागरूकता कार्यक्रमों से दूर रहेंगे नौनिहाल

सुलतानपुर: कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए इस बार बच्चों को मतदाता जागरूकता कार्यक्रमों से दूर रखा जाएगा। इस संबंध में राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग की ओर से निर्वाचन विभाग को पत्र जारी किया गया है। निर्देशों का उल्लंघन करने पर कार्रवाई की भी बात कही गई है।

बच्चों को मतदाता जागरूकता कार्यक्रमों से जोड़कर गिरते वोट प्रतिशत को बढ़ाने का प्रयास किया जाता है। अच्छे प्रत्याशियों का चुनाव कर बेहतर लोकतंत्र की स्थापना में बच्चों द्वारा की जाने वाली अपील का असर भी देखने को मिलता है।

कोरोना ने इस बार जागरूकता कार्यक्रमों के परिदृश्य को भी बदल दिया। तीसरी लहर में बच्चों के ज्यादा प्रभावित होने की आशंका व्यक्त की जा रही है। मासूमों को संक्रमण से बचाने के लिए हर संभव प्रयास भी किए जा रहे हैं। इसलिए बच्चों को जागरूकता कार्यक्रम में शामिल न करने व ज्यादा से ज्यादा मतदान के लिए आनलाइन व्यवस्थाओं पर जोर देने की बात कही गई है।

शिक्षक, आशा बहू, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, बीएलओ, सफाई कर्मी व मानिंद व्यक्ति डोर-टू-डोर अभियान चलाकर लोगों को मतदान के महत्व के बारे में समझाएंगे।

सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी कमलेश वाजपेयी ने बताया कि पोस्टर वितरण व चिपकाने, नारेबाजी, रैली, नुक्कड़ नाटक आदि कार्यक्रम में बच्चों की भागीदारी नहीं रहेगी। इस संबंध में विधानसभावार जिम्मेदारों को निर्देश पत्र प्रेषित कर दिया गया है।

Edited By: Jagran