संवादसूत्र, दूबेपुर (सुलतानपुर) : स्वच्छता अभियान के नाम पर प्रदेश व केंद्र सरकार करोड़ों रुपया सफाई के नाम पर पानी की तरह बहा रही है। फिर भी हालत जस की तस है। ब्लॉक के कुल 94 गांव में सफाई कर्मियों की तैनाती है। बावजूद गंदगी कम होने का नाम नहीं ले रही है। गांव में जगह-जगह नालियां कूड़े के ढेर से पटी हैं। जिससे तरह-तरह की बीमारियों के फैलने का खतरा बना रहता है। जिम्मेदार अधिकारी व सफाईकर्मी साफ-सफाई से बेफिक्र होकर चैन की नींद ले रहे हैं।

ब्लॉक संसाधन केंद्र परिसर के अंदर भी गंदगी का अंबार है। हालांकि यहां दीवार पर स्वच्छता मिशन लिखा है, लेकिन कार्यालय के पीछे लगे कूड़े के ढेर ने इस स्लोगन को बेमानी साबित कर दिया है। ब्लॉक के प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में भी सफाई की हालत बदतर है। हैंडपंपों के पास गंदगी जमा रहने पर भी बच्चे वहीं पानी पीने को मजबूर हैं। अधिकतर विद्यालयों की सफाई राम भरोसे रहती है। ब्लॉक मुख्यालय के परिसर का भी यही हाल है। मुख्यद्वार के बगल से साधन सहकारी समिति के सामने तक झाड़ियां परिसर की पहचान बन गई हैं। कार्यालय के पीछे भी जगह-जगह गंदगी का अंबार लगा है। अहिमाने स्थित कृषि भवन परिसर भी गंदगी व झाड़ियों से आबाद है।

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दुर्गापूजा महोत्सव में भी नहीं हुई सफाई

दुर्गा महोत्सव के मद्देनजर अहिमाने बाजार, प्रतापगंज बाजार, दुबेपुर, बनकेपुर, भांईं, लोहरामऊ सहित कई बाजारों में प्रतिमाएं स्थापित की गई है, फिर भी नालियां कूड़े के ढेर से पटी हुई हैं। समिति के पदाधिकारी स्वयं सफाई करने को मजबूर हैं।

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