सुलतानपुर : केंद्र सरकार की नीतियों से सरकारी संचार कंपनी बीएसएनएल के कर्मचारी खफा हैं। सेवा निवृत्ति की उम्र 60 से घटाकर 58 वर्ष करने के प्रस्ताव से उनकी यह नाराजगी और भी बढ़ गई है। इसके विरोध में संयुक्त कर्मचारी संगठन एयूएबी के आह्वान पर बुधवार को जिले में तैनात अधिकारियों-कर्मचारियों ने डाकखाना चौराहा स्थित दूरसंचार कार्यालय में प्रदर्शन किया।

ऑल यूनियंस एंड एसोसिएशन ऑफ बीएसएनएल (एयूएबी) के आह्वान पर कर्मचारी आंदोलित हैं। संगठन के जिला संयोजक एचएस मिश्र की अगुआई में दूरसंचार दफ्तर में दर्जनों कर्मी एकत्रित हुए। उन्होंने काम बाधित किए बगैर दोपहर में भोजनावकाश के दौरान सांकेतिक विरोध-प्रदर्शन किया। इस मौके पर सभा भी की गई। जिसे संबोधित करते हुए संयोजक मिश्र ने कहा कि केंद्र सरकार की नीतियां मजदूर विरोधी हैं। सार्वजनिक उपक्रमों के निजीकरण की नीति देश के लिए घातक है। अरविद सिंह ने कहा कि रिटायरमेंट की उम्र सीमा दो साल घटाकर 58 वर्ष करने के लिए बुधवार को भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक बुलाई गई थी। जबकि साल 2000 में यूनियन कैबिनेट ने बीएसएनएल कर्मियों के सेवा निवृत्ति की न्यूनतम आयु 60 वर्ष ही लागू रहने का भरोसा दिलाया था। टीबी सिंह ने कहा कि सरकार निजी कंपनियों को बढ़ावा दे रही है और सरकारी संचार कंपनी को जानबूझकर गर्त में ढकेला जा रहा है। 4-जी स्पेक्ट्रम का आवंटन न किए जाने से ग्राहकों की संख्या लगातार घट रही है। राजेश, अरविद, नरसिंह, शिवाकांत, ब्रजभूषण, उमा, निर्मला, राकेश, अखिलेश, अरुण, रामगुलाम, एसपी वर्मा, बृजेश, सूर्यनारायण, एके पाठक व नीरज विरोध प्रदर्शन में शामिल रहे।

Posted By: Jagran

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