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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 03, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Lok Sabha Election 2024: सुल्तानपुर सीट के लिए भाजपा का घर-घर दांव, विपक्ष को गठबंधन की लॉटरी का इंतजार

Published: Sat, 03 Feb 2024 02:43 PM (IST)

Lok Sabha Election 2024 लोकसभा चुनाव के लिए उत्तर प्रदेश में राजनीतिक दलों ने तैयारी शुरू कर दी है। 2019 ...और पढ़ें

लोकसभा चुनाव के लिए उत्तर प्रदेश की इस सीट पर राजनीतिक दलों का दांव (प्रतीकात्मक तस्वीर)
लोकसभा चुनाव के लिए उत्तर प्रदेश की इस सीट पर राजनीतिक दलों का दांव (प्रतीकात्मक तस्वीर)

अजय सिंह, सुलतानपुर। वर्तमान में लोकसभा सीट पर भाजपा का परचम फहरा रहा है। पूर्व केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी यहां से सांसद हैं। इससे पहले उनके पुत्र वरुण गांधी को यहां के मतदाताओं ने मौका दिया था। पार्टी आगामी लोकसभा चुनाव के मद्देनजर लगातार गांव-गांव व घर-घर दस्तक दे रही है। उसका लक्ष्य पिछले चुनाव में मिले वोटों में दस प्रतिशत वृद्धि का है।

वहीं, कांग्रेस, सपा व बसपा में भी बूथ स्तर तक चुनाव मजबूती से लड़ने की तैयारियां चल रही हैं। हालांकि, हाल ही में अयोध्या में रामलला के नव्य और भव्य मंदिर में विराजने के हर्ष के आगे विपक्षी दलों की तैयारियां कहीं न कहीं फीकी नजर आ रही हैं। कार्यकर्ता गठबंधन की लॉटरी खुलने का इंतजार कर रहे हैं।

2019 में ऐसा था परिणाम

2019 में हुए लोकसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी मेनका गांधी चार लाख 58 हजार 281 मत पाकर विजयी हुई थीं। सपा-बसपा गठबंधन से चुनाव लड़ने वाले चंद्रभद्र सिंह सोनू को चार लाख 44 हजार 422 वोट मिले थे, जबकि पूर्व मंत्री व कांग्रेस प्रत्याशी डा. संजय सिंह को महज 41 हजार 588 मतों से संतोष करना पड़ा था। इस बार अभी प्रत्याशी की घोषणा नहीं हुई है। पार्टी कार्यकर्ताओं का कहना है कि हाईकमान जिसे भी टिकट देगा, उसी के लिए पूरे तन-मन से लगेंगे।

परिणाम पर सकती नजर

वहीं, विपक्ष की बात करें तो बसपा अब तक महागठबंधन में शामिल नहीं हुई है। ऐसे में पार्टी कार्यकर्ता एकला चलो की तर्ज पर तैयारियों में जुटे हैं। वहीं, कांग्रेस के स्थानीय नेता यह सीट पार्टी को मिलने का दावा कर रहे हैं। उनका कहना है कि सपा लोकसभा सीट कभी जीत नहीं सकी, जबकि कांग्रेस आठ बार जीती है। अब देखने वाली बात यह होगी कि आगामी दिनों में उसके दावे को कितना महत्व मिलता है।

बीजेपी ने की तैयारी

भाजपा जिलाध्यक्ष डा. आरए वर्मा कहते हैं कि लोकसभा चुनाव के लिए चार फरवरी तक गांव चलो अभियान शुरू किया जाएगा। इसके तहत एक वरिष्ठ कार्यकर्ता 24 घंटे तक किसी गांव में प्रवास करेगा। सभी वर्ग के मतदाताओं से संपर्क करेगा। जो वोट देते हैं उनसे और जो नहीं देते उनसे भी मिलकर उनके मन में क्या है, इस बारे में भी देखेगा।

1991 बूथ कमेटियों का हुआ गठन

लोकसभा चुनाव को लेकर 1991 बूथ कमेटियों का गठन कर लिया गया है। इसके पहले कलश यात्रा, विकसित भारत संकल्प यात्रा के जरिए गांव-गांव पहुंचा जा चुका है। लक्ष्य है कि पिछली बार जो वोट मिले थे, उसमें दस फीसद वृद्धि की जाए। राम मंदिर निर्माण से जनता के मन में यह विश्वास भी बना कि भाजपा सरकार के रहते ऐसा हो सका।

सपा ने भी की है तैयारी

सपा जिलाध्यक्ष रघुवीर यादव कहते हैं कि पीडीए पखवारा के तहत बूथ स्तर पर बैठकें हो रही हैं। अब तक करीब 50 बैठकें हो चुकी हैं। कमेटियों का गठन हो चुका है। पिछली बार की तरह इस बार कोई चर्चित चेहरा पार्टी के पास है? इस पर वह कहते हैं कि पांच से सात लोग टिकट की दावेदारी कर रहे हैं।

अकेले चुनाव लड़ने के लिए बसपा कर रही तैयारी

बसपा जिलाध्यक्ष सुरेश गौतम कहते हैं कि गांव चलो अभियान दो से तीन महीने तक चलाया गया। इस बार सर्वसमाज को मुख्य संगठन से जोड़ने का काम किया जा रहा है, जिससे 2007 के पहले वाली स्थिति बन सके। पार्टी अकेले चुनाव लड़ेगी, इसको लेकर तैयारियां की जा रही है। दावेदार कौन है? इस पर वह कहते हैं कि करीब आठ लोग हैं, लेकिन अभी नाम नहीं बता सकते।

कांग्रेस में अब तक 11 लोग टिकट की दावेदारी कर चुके हैं

कांग्रेस जिलाध्यक्ष अभिषेक सिंह राणा का कहना है कि ब्लाकवार संवाद कार्यक्रम शुरू किया गया है। इसके पहले न्याय यात्रा निकाली गई थी। बूथ लेवल एजेंट बना दिए गए हैं। महिला व छात्र शाखा छोड़, अन्य का गठन हो चुका है। वह कहते हैं कि गठबंधन से सीट कांग्रेस के खाते में मिले, इसकी मांग की जा रही है। उन्होंने बताया कि कोई बड़ा चेहरा भी इस बार आ सकता है। अब तक 11 लोग टिकट के लिए दावेदारी कर चुके हैं।