विवेक बरनवाल, लम्भुआ (सुलतानपुर) : प्रतापगढ़ सीमा के नजदीक श्रीरामपुर चौराहे पर मंगलवार का हुई बैंक डकैती के तार ज्ञानीपुर कांड से जुड़े हो सकते हैं। सोमवार को अमेठी जिले के इलाहाबाद बैंक के ज्ञानीपुर शाखा के कर्मियों के बाइक सवारों का प्रयास किया था। दोनों मामलों में सफेद रंग की बिना नंबर अपाची का उपयोग किया गया है। बड़ौदा पूर्वी उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक में हुई वारदात में नीली रंग की एक और अपाची बदमाशों ने इस्तेमाल की। ज्ञानीपुर में लूट की असफल कोशिश के बाद हुई इस सनसनीखेज घटना ने पुलिस के इकबाल को चुनौती दी है। फिलहाल, लगभग शांत रहने वाले इन इलाकों में आपराधिक वारदातों से लोग भयभीत हैं।

प्रतापगढ़ के सीमावर्ती इलाके में लगातार हुई घटनाओं ने अमेठी और सुलतानपुर पुलिस की ¨चता बढ़ा दी है। सूत्रों के मुताबिक बाइक सवार बदमाश बरुआ दक्षिण गांव के रास्ते अर्जुनपुर बाजार तक पहुंचे थे। बाजार से वे गांव के भीतर खड़ंजा मार्ग से नहर की पटरी के जरिए अर्जुनपुर चौराहे तक पहुंचे थे। उनकी संख्या छ बताई जाती है। रुमाल से उनके चेहरे ढके थे। बैंक में लूट करने के बाद वे गरये होते हुए भिटौरा पुल तक देखे गए हैं। ऐसे में इस कयास को बल मिलता है कि बदमाश प्रतापगढ़ जिले से ताल्लुक रखते हैं। उधर, दिनदहाड़े बैंक डकैती की सूचना पाकर क्षेत्रीय प्रबंधक बीके ¨सह भी पहुंचे, बैंक कर्मियों से जानकारी ली। कर्मियों के रिश्तेदार भी मौके पर पहुंच गए। ब्रांच मैनेजर की पत्नी भी कुशलक्षेम जानने के लिए अपने दो रिश्तेदारों को बैंक भेजा था। शाखा प्रबंधक का मोबाइल बदमाशों ने लूट लिया था। क्राइम ब्रांच व फोरे¨सक टीम ने भी बैंक पहुंचकर गहनता से पड़ताल की। सुरक्षा में लापरवाही की हद दिखी बैंक में

रोजाना कई लाख रुपये का लेनदेन होने के बावजूद इस बैंक में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं है। बैंक में लगे सभी सीसीटीवी कैमरे अंदर हैं। एक भी कैमरा परिसर के बाहर या गेट पर नहीं है। सुरक्षा के लिए स्थानीय कोतवाली से कोई ड्यूटी तक नहीं लगाई जाती।

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मिला क्लू, जल्द होगा खुलासा : डीआईजी

डीआईजी ओंकार ¨सह ने बताया कि पुलिस की कई टीम लगाई गई है। जल्द ही वारदात में शामिल लोगों का पता लगा लिया जाएगा। उधर, एसपी अनुराग वत्स ने कहाकि घटना के क्लू मिले हैं।

Posted By: Jagran