सुलतानपुर : जिले में गोवंश आश्रय स्थलों की जो तस्वीर उभरकर आ रही है, वह भयावह है। तीन दिन की बारिश के बाद एक-एक कर कई गोवंश आश्रय स्थलों में तीस से ज्यादा मवेशियों की मौत हो गई है। हालांकि प्रशासन ने पिछले चौबीस घंटों में सिर्फ चौबीस गोवंश के मौत की पुष्टि की है। इन आश्रय स्थलों पर जिस तरह के हालात हैं उससे जिम्मेदारों पर सवाल उठने लाजमी हैं। जिलाधिकारी सी इंदूमती स्वयं आश्रय स्थलों की निरीक्षण कर रही हैं। एसडीएम भी इस कार्य में लगाए गए हैं, फिर भी जिनके ऊपर जिम्मेदारी है आश्रय स्थलों के संचालन की, वे अपने दायित्व के प्रति संजीदा नजर नहीं आ रहे हैं। अखंडनगर विकास खंड के डोमापुर गोवंश आश्रय स्थल में शनिवार की रात छह पशुओं की मौत हो गई। तीन तड़प रहे हैं। उन्हें जरूरी पोषण भी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। करौंदीकला विकास खंड बालमऊ आश्रय स्थल में सात से ज्यादा मवेशियों की मौत हो गई। हलियापुर आश्रय स्थल में भी पांच से ज्यादा पशु मौत के गाल में समा चुके हैं। मोतिगरपुर में भी मवेशी मर रहे हैं। अब तक इनकी संख्या ढाई दर्जन से ज्यादा पहुंच चुकी है, लेकिन जरूरी सुरक्षात्मक उपाय प्रशासन करने में नाकाम नजर आ रहा है। मवेशी किसी बीमारी की वजह से या खाद्य सामग्री न पाने से मर रहे हैं, यह तो जांच के बाद पता चलेगा। फिलहाल अधिकारी अपने को बचाने के लिए मरे पशुओं को निमोनिया होना बता रहे हैं। जिलाधिकारी के मुताबिक जिन पर आश्रय स्थलों के संचालन का दायित्व है, वे सब पशुओं के स्वास्थ्य की खराबी को लेकर तत्काल संबंधित अधिकारियों को जानकारी नहीं मुहैया करा रहे हैं।

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जांच करवाई जा रही है, वक्त पर गोवंश आश्रय स्थल के संचालक बीमारियों की जानकारी नहीं दे रहे हैं। जिससे तत्काल उपचारात्मक कदम नहीं उठ पा रहा है। इससे बड़ी तादाद में पशुओं की मौत हो रही है। बारिश में भीग जाने व ठंड लगने से वे बीमारी पड़ गए थे। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।

सी इंदूमती, जिलाधिकारी।

Posted By: Jagran

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